कालापंचायत, जमुई के धान के खेतों में इस बार हरियाली नहीं, बल्कि सूखी दरारें और मुरझाए हुए पौधे दिख रहे हैं। धरधरिया केनाल से निकलने वाले दूसरे पैन की खराब स्थिति ने यहां के किसानों की उम्मीदों को धराशायी कर दिया है। 😔
केनाल की दुर्दशा और विभाग की उदासीनता
धरधरिया केनाल का निर्माण लघु जल संसाधन विभाग, बिहार द्वारा किया गया था, लेकिन ये निर्माण मानो कागज की नाव जितना कमजोर साबित हुआ। यह पैन किसानों के लिए जीवनरेखा थी, लेकिन उसकी हालत देखकर लगता है मानो वह खुद ही मरणासन्न हो। 💧 किसान प्रमोद पांडे, परमानंद पंडित , और अन्य किसानो जैसे अधिकारियों के नाम लेकर बार-बार शिकायतें दर्ज करवा चुके हैं, पर ये शिकायतें सरकारी फाइलों में धूल फांकती रह गईं। 📄
सूखता हुआ धान और किसान का दर्द
धरधरिया केनाल की बदहाल स्थिति ने किसानों के सपनों को बर्बाद कर दिया है। खेतों में खड़ा धान अब पानी की कमी से झुलस रहा है। 🌱 उस जमीन में, जहां कभी हरियाली और सोने जैसा धान लहलहाता था, अब सूखते हुए पौधों की परछाइयाँ हैं। किसान जैसे-जैसे अपनी मेहनत को सूखते हुए देखते हैं, वैसे-वैसे उनका दिल टूटता जाता है। यह सिर्फ फसल की बर्बादी नहीं है, बल्कि एक किसान की आत्मा की बर्बादी है। 😢
लघु जल संसाधन विभाग की चुप्पी
लघु जल संसाधन विभाग की चुप्पी अब किसानों के लिए असहनीय हो गई है। कालापंचायत के किसानों ने बार-बार अपनी व्यथा बताई, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। किसानों की शिकायतें मानो बेकार की बातें बनकर रह गई हैं। 🤷♂️
न्याय की उम्मीद
अब बस, बहुत हुआ! कालापंचायत के किसान अब इस समस्या के समाधान के लिए आखिरी उम्मीद से देख रहे हैं। वे अपनी धान की फसल को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। और अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो यह सिर्फ खेतों में सूखा नहीं रहेगा, बल्कि उनके जीवन में भी एक गहरा सूखा आ जाएगा। 🙏
किसानों के पास अब केवल उम्मीद ही बची है कि भगवान उनकी सुनेंगे, क्योंकि लघु जल संसाधन विभाग ने तो कानों में रुई ठूंस ली है। यही कारण है कि किसानों का विश्वास अब सरकारी तंत्र पर नहीं, बल्कि अपने हाथों की मेहनत और भगवान पर है। 🌾
किसानों का सामूहिक निर्णय
कालापंचायत के किसानों ने अब सामूहिक निर्णय लिया है कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। अदालत में एक जनहित याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है ताकि न्याय मिल सके और धरधरिया केनाल की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। ⚖️
इस स्थिति में हम सभी को किसानों के संघर्ष को समझना चाहिए और उनके साथ खड़ा होना चाहिए। आखिरकार, अगर किसान न हों, तो हमारे भोजन की थाली भी खाली रह जाएगी। 🍛
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