Sunday, September 1, 2024

प्रकृति की गोद में बसा चोरमारा: जमुई का छिपा हुआ खजाना

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जमुई जिला के लक्ष्मीपुर प्रखंड में बसा चोरमारा गांव, एक ऐसा स्थान है जहां प्रकृति अपने सबसे सुंदर रूप में मुस्कुराती है। यह गांव, जो चारों तरफ हरे-भरे पहाड़ों और घने जंगलों से घिरा हुआ है, न केवल अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां के जनजातीय जीवन की सादगी और संस्कृति भी मन को मोह लेने वाली है।

इस क्षेत्र की अद्वितीयता को समझने के लिए हमें इसके आसपास के स्थानों का जिक्र करना होगा, जैसे मुंगेर जिले का भीम बांध, जहां गर्म पानी का कुंड स्थित है। यह कुंड अपने आप में एक रहस्य है, जहां की गर्म धारा हमेशा सर्दी में भी गर्माहट बनाए रखती है, और इसे देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। भीम बांध की यह खासियत चोरमारा और इसके आसपास के गांवों की खूबसूरती में चार चांद लगाती है।

चोरमारा, जो एक नक्सल प्रभावित गांव होने के बावजूद अपने प्राकृतिक वैभव और शांति के लिए जाना जाता है, यहां की वादियों में खो जाने का मन करता है। इस गांव के चारों ओर फैली हुई हरियाली और पहाड़ों की श्रृंखला इसे एक अद्वितीय पर्यटन स्थल बनाती है, जो अभी तक बहुत से लोगों की नजरों से छिपा हुआ है।

हालांकि, चोरमारा की कहानी सिर्फ इसकी खूबसूरती तक ही सीमित नहीं है। यहां के जनजातीय समाज की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रशासन ने चोरमारा, गुरमाहा और आसपास के जनजातीय बहुल गांवों में शिविर आयोजित किए, जहां लोगों की शिकायतें सुनी गईं और उन्हें समाधान का आश्वासन दिया गया। यह प्रयास न केवल प्रशासन और जनजातीय समुदाय के बीच की दूरी को कम करने का है, बल्कि यहां के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का भी है।

इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि सरकार यहां के लोगों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और उनके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम वन संरक्षण और #ForestConservation के महत्व को भी रेखांकित करता है, जो इस क्षेत्र की जैव विविधता को संरक्षित रखने के लिए आवश्यक है।

चोरमारा जैसे गांव, जो न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी महत्वपूर्ण हैं, को संरक्षित करना और विकसित करना आज की आवश्यकता है। यह क्षेत्र अपने आप में एक खजाना है, जिसे सही दिशा में ले जाकर न केवल स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त किया जा सकता है, बल्कि इसे देशभर के पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र भी बनाया जा सकता है।

आइए, हम सभी मिलकर इस छिपे हुए खजाने को दुनिया के सामने लाने और इसे संरक्षित करने में अपनी भूमिका निभाएं। 

मैं इस ब्लॉग के अंत में कुछ तस्वीरें भी साझा कर रहा हूँ, जो चोरमारा और इसके आस-पास के क्षेत्रों की सुंदरता को दर्शाती हैं। #tourismindia

1 comment:

Kaushlendra Kumar said...

बहुत सुंदर तरीके से उस स्थल का आपने वर्णन किया है आपने ।