Wednesday, September 18, 2024

अतिक्रमण और सिंचाई संकट: लक्ष्मीपुर में धरधरईया पैन की स्थिति



जमुई जिले के काला पंचायत, लक्ष्मीपुर प्रखंड में जल संकट ने किसानों को चिंतित कर दिया है। लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियन्ता ने लक्ष्मीपुर के अंचलाधिकारी को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है, जिसमें धरधरईया पैन और अशोता जिनारा पैन की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं।

पत्र में उल्लेखित किया गया है कि स्थानीय ग्रामीण और शिकायतकर्ता श्री प्रमोद पाण्डेय ने धरधरईया पैन और उससे निकलने वाली अशोता जिनारा पैन में जल प्रवाह की समस्या के संबंध में कई बार शिकायत की है। 16 अगस्त 2024 को स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बाजन नदी से धरधरईया पैन में जल प्रवाह सुचारू है, लेकिन अशोता जिनारा पैन में अतिक्रमण के कारण जल प्रवाह अवरुद्ध हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा इस पैन में कचरा और घर बना दिए गए हैं, जिससे सिंचाई सुविधा प्रभावित हो रही है।

पारंपरिक समाधान के तौर पर, धरधरईया पैन में बालू के बोरे रखकर जल प्रवाह को बढ़ाया जा रहा है, लेकिन यह एक अस्थायी उपाय है। स्थायी समाधान के लिए अशोता जिनारा पैन को अतिक्रमण मुक्त करना अत्यंत आवश्यक है। इससे किसानों को सिंचाई की सुविधाएं नियमित रूप से मिल सकेंगी।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थल निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जमुई से की गई पूर्व की शिकायतों की प्रतियां भी प्रस्तुत की हैं।

इस पत्र के माध्यम से कार्यपालक अभियन्ता ने शीघ्र अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता को जोर देकर कहा है, ताकि किसानों को उनकी फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिल सके और उनके प्रयास सफल हो सकें।

इस मुद्दे पर अब अंचलाधिकारी और संबंधित विभाग को चाहिए कि वे तत्काल कार्रवाई करें और अतिक्रमण की समस्या को गंभीरता से लें। किसानों की कठिनाइयों को देखते हुए, यह कदम समय की मांग है।

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