Friday, September 6, 2024

ब्लॉगर: 30 साल बाद गाँव में पहली बार जन्मदिन मनाकर रचा इतिहास 🎉

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आज मेरे जीवन का एक बेहद खास दिन है, क्योंकि मैं 33 साल का हो गया हूँ। लेकिन यह दिन सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि मेरे परिवार के लिए भी एक ऐतिहासिक पल है। करीब 30 साल बाद, जब मेरे बड़े भाई अपने-अपने परिवारों के साथ दूर-दराज के राज्यों और जिलों में बसी हैं, मैंने अपने पैतृक गाँव, जमुई जिले, बिहार में पहली बार अपनी बेटी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया। 🎂

कोविड की पाबंदियों के चलते, जैसे ही मैं अपने गाँव लौटा, मेरे दिल में एक ख्वाहिश जागी – गाँव में अपनी बेटी का जन्मदिन इस खास अंदाज में मनाना। यह एक नई शुरुआत थी, क्योंकि पिछले तीन दशकों में हमारे गाँव में किसी ने इस तरह का आयोजन नहीं किया था। मैंने यह परंपरा तोड़ी और अपने गाँव में पहली बार इस दिन को एक विशेष उत्सव बनाया। 🌟

मैंने अपने परिवार के सभी सदस्यों से अनुरोध किया कि वे इस खुशी के मौके को हमारे साथ मिलकर मनाएं और गाँव की मीठी यादों में खो जाएं। अब हमारे गाँव में भी जन्मदिन की खुशियाँ गूंज रही हैं, जैसे कि अन्य गाँवों में होती हैं। 🎈

पिछले 15 सालों से मेरा जन्मदिन सिर्फ ऑफिस और ऑफिस के दोस्तों के बीच सीमित था, लेकिन इस बार, मैंने अपनी बेटी के जन्मदिन को गाँव में चाचा-चाची और करीबी रिश्तेदारों के साथ मनाया। इस अवसर पर, मुझे अपने माता-पिता की बहुत याद आई, जिन्होंने जीवन के हर मोड़ पर मेरा साथ दिया। 🙏

गाँव में केक, सजावट और हर छोटी-बड़ी चीज़ का प्रबंध किया गया था। इस खुशी के पल को साझा करने का अनुभव अद्वितीय था। मैं इस खास दिन की कुछ तस्वीरें भी साझा कर रहा हूँ, जिन्हें आप नीचे देख सकते हैं। यह दिन मेरी पत्नी और मेरे लिए एक अनमोल याद बन गई है, जिसे हम कभी नहीं भूल पाएंगे। 📸

इस दिन ने मुझे यह एहसास दिलाया कि गाँव की सादगी और अपनापन ही असली खुशी है, और इस खुशी को परिवार के साथ बाँटना ही सच्चा सुख है। 💖

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