Saturday, September 28, 2024

सुल्फास ड्रग पर प्रतिबंध की मांग और सरकारी कदमों की आवश्यकता

भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लोकसभा में 21 मार्च 2023 को पूछे गए एक सवाल (असंख्य प्रश्न सं. 3399) में सुल्फास ड्रग पर प्रतिबंध की स्थिति को लेकर चर्चा की गई। इसमें सरकार से पूछा गया कि क्या सुल्फास ड्रग, जो अनाज संरक्षण और कृषि कार्यों में इस्तेमाल होता है, को बैन करने की कोई ठोस योजना बनाई गई है, खासकर जब इसका दुरुपयोग जान-माल की हानि और आत्महत्याओं में योगदान कर रहा है। इसके जवाब में सरकार ने बताया कि इस ड्रग पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन इसके उपयोग को नियंत्रित करने के लिए एलुमिनियम फॉस्फाइड (सुल्फास) का उपयोग सरकार द्वारा निर्धारित विशेषज्ञों की निगरानी में किया जाता है।  इसके अलावा, सरकार ने 2001 में बड़े पैक सुल्फास की उत्पादन और बिक्री पर भी रोक लगा दी है। हालांकि, पिछले तीन वर्षों में सुल्फास के सेवन से आत्महत्या के मामलों पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी जमुई जिले में 

सुल्फास ड्रग का दुरुपयोग हो रहा है। हाल ही में झाझा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने सुल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं, जो इस ड्रग की बाजार में अब भी उपलब्धता को दर्शाती हैं। दुकानदारों द्वारा इसे बेचा जा रहा है, जो आम जनता के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

मैं संबंधित विभागों से अपील करता हूं कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और यह सुनिश्चित करें कि सुल्फास ड्रग केवल विशेषज्ञों की निगरानी में ही उपयोग हो और इसे आम जनता की पहुंच से दूर रखा जाए। यदि सरकार ने इसके उपयोग पर सीमाएँ लगाई हैं, तो फिर यह बाजार में बिना किसी नियंत्रण के कैसे उपलब्ध है?

ऐसी घटनाएं जमुई जिले में आम होती जा रही हैं, और यह उच्च समय है कि सुल्फास ड्रग की बिक्री और वितरण पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि इस तरह की अनचाही घटनाओं से बचा जा सके।

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