Tuesday, December 31, 2024

मनरेगा से खेती तक, 2024 के अनुभवों का सफर – पढ़ें मेरी कहानी।

नववर्ष 2025 की शुरुआत पर, जब हम नए संकल्पों और योजनाओं के साथ इस वर्ष को अपनाते हैं, मुझे पिछले साल की घटनाओं पर विचार करने का एक अवसर मिलता है। 2024 मेरे लिए एक यात्रा की तरह रहा, जिसमें न केवल सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी महत्वपूर्ण बदलाव आए। यह वर्ष मेरे लिए एक नई समझ और सीख का वर्ष था, जिसमें मैंने कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किए और जिनसे मैंने बहुत कुछ सीखा।

"हमेशा कोशिश करो, सपने देखो और विश्वास रखो, क्योंकि सफलता उन्हीं को मिलती है जो खुद पर विश्वास करते हैं।" यह वाक्य मुझे इस वर्ष में कई बार याद आया। मैंने इस समय के दौरान कई मुद्दों पर लिखा, जैसे मनरेगा योजना, बिहार के PACS केंद्र, और 15वें वित्त आयोग के फंड का दुरुपयोग। इन सब पर विचार करते हुए मुझे यह समझ में आया कि यह केवल आंकड़े और योजनाएँ नहीं होतीं, बल्कि इनमें लोगों की वास्तविक ज़िंदगी और उनकी मेहनत जुड़ी होती है। मनरेगा योजना में ग़ोस्ट अटेंडेंस, PACS में किसानों की समस्याएँ और 15वें वित्त आयोग के फंड का गलत उपयोग – इन सभी पर लिखते हुए मुझे समाज में बदलाव की आवश्यकता का अहसास हुआ।

"सिर्फ वही लोग समस्याओं का समाधान कर सकते हैं, जो खुद समस्याओं का सामना करने के लिए तैयार होते हैं।" यह विचार काला पंचायत की राजनीति पर लिखते समय मेरे मन में आया। पंचायत राजनीति की जटिलताओं और वहां की घटनाओं पर मैंने कई ब्लॉग लिखे, जहां तक पहुँचने के लिए मेहनत और साहस की आवश्यकता थी।

सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या और सुरक्षा उपायों की कमी पर भी मैंने अपने विचार व्यक्त किए। सड़क सुरक्षा को लेकर की गई जागरूकता की आवश्यकता को महसूस करते हुए, मैंने ब्लॉग के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि केवल कानून के पालन से ही हम समाज में बदलाव ला सकते हैं।
2024 में मेरी निजी जिंदगी में भी कई महत्वपूर्ण मोड़ आए। मेरी छोटी बेटी Kavya का जन्म हुआ, जो अब 8 महीने की हो चुकी है, और मेरी बड़ी बेटी Navya, जो अब 3 साल की हो चुकी है, ने इस साल बहुत कुछ सीखा। यह समय मेरे लिए परिवार और बच्चों के साथ बिताने का था, जहां मैंने यह समझा कि बच्चों के साथ बिताया हर पल अनमोल होता है। "बच्चों में वह ताकत होती है, जो हमें जीवन की असली अर्थ सिखाती है," यह सोचते हुए मैंने इस साल को "सीखने का साल" नाम दिया।

2024 ने मुझे खेती के बारे में भी बहुत कुछ सिखाया। धान, गेहूं, सरसों और आलू जैसी फसलों की खेती और उनके वैज्ञानिक तरीकों से जुड़े अनुभवों ने मुझे यह समझाया कि किसान भी अब विज्ञान और तकनीक को अपने काम में शामिल कर रहे हैं। यह बदलाव और प्रगति मेरे लिए एक प्रेरणा का स्रोत बने।

आज मेरी माँ की पुण्यतिथि भी है, और यह दिन मुझे उन सभी यादों से जोड़ता है, जो उन्होंने मुझे जीवन में सिखाईं। वह हमेशा कहती थीं, "अपने कर्मों से दुनिया को बदलो, क्योंकि जो तुम सोचते हो, वही तुम बन जाते हो।" इस विचार ने मुझे जीवन में सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

नए मित्रों से मिलने का भी यह वर्ष एक महत्वपूर्ण पल था। मैंने VFX से बाहर के लोगों के साथ नए संबंध बनाए – वकील, आईएएस अधिकारी और अन्य पेशेवरों से, जिन्होंने मुझे समाज की सच्ची स्थिति और इसके बदलाव के बारे में बताया।

2024 ने मुझे यह समझने का अवसर दिया कि जीवन केवल अपने लिए नहीं है, बल्कि समाज और दूसरों के लिए भी है। जैसा कि महात्मा गांधी ने कहा था, "आपको खुद में वह परिवर्तन बनना होगा, जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।" यही विचार 2024 में मेरी यात्रा का मार्गदर्शक रहा।

जैसे ही हम 2025 की ओर बढ़ते हैं, मैं उम्मीद करता हूँ कि यह नया वर्ष हमारे लिए और हमारे समाज के लिए और भी अधिक सृजनात्मकता, साहस, और बदलाव लेकर आएगा। इस वर्ष के लिए मेरे मन में एक उद्धरण है, "सफलता सिर्फ उन लोगों को मिलती है जो खुद पर विश्वास करते हैं और कभी हार नहीं मानते।"

आप सभी को नववर्ष की ढेर सारी शुभकामनाएँ, और आशा है कि हम इस नए साल में अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

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