किसी भी सरकारी योजना की सफलता में पारदर्शिता और जवाबदेही का महत्वपूर्ण योगदान होता है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के माध्यम से आम नागरिक सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और उनसे जुड़ी जानकारियों तक पहुंच सकते हैं। इसी उद्देश्य से मैंने अपने पंचायत, काला पंचायत, प्रखंड लक्ष्मीपुर, जिला जमुई, बिहार से संबंधित आवास+ 2018 सर्वेक्षण रिपोर्ट की जानकारी प्राप्त करने के लिए एक आरटीआई आवेदन दायर किया।
आवास+ 2018 सर्वेक्षण प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत लाभार्थियों की पहचान का आधार है। वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक 2 करोड़ नए घरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जो अब तक इस योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं।
मेरे आवेदन में मैंने काला पंचायत की आवास+ 2018 सर्वेक्षण रिपोर्ट की प्रति, लाभार्थियों की सूची और उनकी पात्रता की स्थिति, और सर्वेक्षण प्रक्रिया की समय-सीमा और शिकायत निवारण प्रक्रिया की जानकारी मांगी है। मेरा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंचायत के सभी पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिले और कोई अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो।
सरकार ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के आदेश संख्या J-11014/1/2024-RH-Pol. (e-387579) के तहत आवास+ 2018 डेटाबेस को अद्यतन करने के निर्देश दिए हैं। नए मानदंडों के अनुसार, ऐसे परिवारों को योजना से बाहर रखा जाएगा जिनके पास मोटर वाहन, उच्च आय, या बड़ी जमीन है।
सूचना का अधिकार जैसे उपकरण आम नागरिकों को सशक्त बनाते हैं और प्रशासन को जवाबदेह बनाते हैं। मेरा मानना है कि हर पंचायत के लोगों को अपनी योजनाओं के बारे में जागरूक होना चाहिए और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। आरटीआई जैसे कदम पंचायत स्तर पर विकास को अधिक प्रभावी और न्यायसंगत बनाने में मदद करते हैं।
यह मेरा एक छोटा प्रयास है जिससे मैं अपनी पंचायत के नागरिकों को सशक्त बनाना चाहता हूं। मुझे उम्मीद है कि मेरा यह कदम अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा और सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू करने में मदद करेगा।
No comments:
Post a Comment