लक्ष्मीपुर प्रखंड के काला पंचायत की रहने वाली गुड़िया देवी, आज संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। एक समय था, जब उनके जीवन में अंधकार छा गया था। पति की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद, तीन बच्चों की परवरिश का पूरा बोझ उनके कंधों पर आ गया। आर्थिक तंगी और कोई सहारा न होने के कारण गुड़िया देवी के जीवन में चुनौतियों की कमी नहीं थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी! 💪
🌟 सतत जीविकोपार्जन योजना से मिली उम्मीद की किरण
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी सतत जीविकोपार्जन योजना ने गुड़िया देवी के लिए संजीवनी का काम किया। योजना के तहत उन्हें बकरी पालन शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता मिली। जीविका समूह के सहयोग और अपने बुलंद हौसलों के साथ उन्होंने बकरी पालन में कदम रखा। यह उनके जीवन का पहला कदम था, जिसने धीरे-धीरे उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारना शुरू किया।
🐐 बकरी पालन से गाय पालन तक का सफर
बकरी पालन में सफलता के बाद, गुड़िया देवी ने अपनी आय से एक गाय खरीदी। अब उनके पास बकरी और गाय दोनों हैं, जिनसे नियमित आमदनी होती है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी बचत से एक छोटा किराना दुकान 🛒 भी खोल लिया। आज वह अपने खेत में साग-सब्जियां भी उगाती हैं, जो उनके आय के स्रोतों में और इज़ाफा करता है। 🌾
💰 हर महीने 6,000 रुपये की आमदनी
आज गुड़िया देवी की मासिक आय 5,000-6,000 रुपये तक पहुंच गई है। उनके तीनों बच्चे अब स्कूल जा रहे हैं, और उनके पास लगभग 50,000 रुपये की संपत्ति भी हो गई है। यह सब उनकी मेहनत और सरकार की योजनाओं के सही उपयोग का नतीजा है।
🤝 जीविका समूह ने बनाया सशक्त
गुड़िया देवी "सुहाग जीविका स्वयं सहायता समूह" और "बबली ग्राम संगठन" से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों से जुड़ने के बाद उन्होंने न केवल आर्थिक सहयोग पाया, बल्कि अपने आत्मविश्वास को भी बढ़ाया। आज वह अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
✨ गुड़िया देवी का संदेश:
"कोई भी परिस्थिति आपके सपनों को रोक नहीं सकती, अगर आप अपने हौसले और मेहनत से आगे बढ़ें।"
गुड़िया देवी की यह कहानी दिखाती है कि जब सही दिशा और सही सहयोग मिले, तो हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। उनकी कहानी उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो मुश्किलों से जूझ रही हैं।
👏 आइए, गुड़िया देवी के जज़्बे को सलाम करें और उनके साहस से प्रेरणा लें! 🙌
अस्वीकरण:
यह जानकारी जिला प्रशासन जमुई के आधिकारिक फेसबुक पोस्ट से ली गई है। इस सामग्री का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। इसमें दिए गए तथ्य और विवरण मूल पोस्ट पर आधारित हैं। अगर किसी को इस जानकारी के संदर्भ में कोई स्पष्टीकरण या आपत्ति हो, तो कृपया संबंधित विभाग से संपर्क करें।
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