लक्ष्मीपुर काला पंचायत में पंचायत विकास योजना (GPDP) के तहत सोलर लाइट्स की स्थापना के लिए दो वित्तीय वर्षों में योजनाएं बनाई गईं। वर्ष 2022-23 की सप्लीमेंटरी योजना के अनुसार, 40 सोलर लाइट्स की स्थापना के लिए 5,60,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। वहीं, मुख्य योजना 2023-24 के तहत 40 और सोलर लाइट्स की स्थापना के लिए 5,60,000 रुपये स्वीकृत किए गए। कुल मिलाकर 80 सोलर लाइट्स लगनी थीं, लेकिन पंचायत अब तक इन लाइट्स को स्थापित करने में असमर्थ रही है।
यह GPDP योजना पंचायत के सचिव नरेंद्र कुमार और पंचायत मुखिया रंधीर यादव द्वारा अनुमोदित की गई थी। योजना के अनुसार, प्रत्येक वार्ड में 10 सोलर लाइट्स लगनी थीं। यह जानकारी सार्वजनिक है और इसे मेरी पंचायत ऐप में भी देखा जा सकता है। मैंने खुद इस डेटा की पुष्टि की है और इसके प्रमाण के रूप में योजना से जुड़े दस्तावेज और वार्ड लिस्ट की तस्वीरें ब्लॉग में जोड़ी हैं।
मैं वार्ड नंबर 2 का निवासी हूं और हमारे वार्ड में अब तक एक भी सोलर लाइट नहीं लगाई गई है। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विकास योजना के प्रावधानों को अनदेखा किया जा रहा है। यह बेहद निराशाजनक है, क्योंकि इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
पंचायत प्रतिनिधियों ने सोलर लाइट्स को जरूरतमंद वार्डों में लगाने के बजाय अपने व्यक्तिगत लाभ और वोट बैंक की राजनीति के तहत इन्हें अन्य जगहों पर स्थापित कर दिया। यह पंचायत विकास योजना के उद्देश्यों का उल्लंघन है और जनता के साथ धोखा है।
अगर GPDP योजना का पालन सही तरीके से किया गया होता, तो सभी वार्डों के निवासियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सुविधाएं मिल सकती थीं। लेकिन दुर्भाग्य से, पंचायत में पारदर्शिता की कमी और मनमानी के कारण यह योजना कागजों तक ही सीमित रह गई।
हम जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपील करते हैं कि वे इस मामले की जांच करें और सुनिश्चित करें कि सोलर लाइट्स की स्थापना पंचायत विकास योजना के अनुसार हो। पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है ताकि विकास कार्य सही तरीके से पूरे हों।
यदि आपके पास इस विषय में कोई जानकारी है, तो इसे साझा करें। विकास कार्यों में जनता की जागरूकता और भागीदारी आवश्यक है।
अस्वीकरण:
यह ब्लॉग काला पंचायत में सोलर लाइट्स की स्थापना से संबंधित जानकारी और चिंताओं पर आधारित है। इस ब्लॉग में साझा की गई जानकारी पंचायत विकास योजना (GPDP) और अन्य सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त है। इन तथ्यों की पुष्टि मेरी पंचायत ऐप जैसे सार्वजनिक मंचों पर की जा सकती है।
यह ब्लॉग किसी व्यक्ति विशेष, समुदाय, या संगठन को बदनाम करने के उद्देश्य से नहीं लिखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुद्दों को उजागर करना है। यदि इस ब्लॉग में किसी तथ्य में त्रुटि हो, तो कृपया हमें सूचित करें ताकि उसे सुधारा जा सके।
ब्लॉग में व्यक्त किए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत हैं और इसका उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है।
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