Thursday, December 12, 2024

जिनहरा के बास्केटबॉल कोर्ट ने दिखाया रास्ता, क्या पंचायत बदलेगी सोच?


लक्ष्मीपुर काला पंचायत में विकास के दो पहलू देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जिनहरा उच्च विद्यालय में बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण हो रहा है, जो युवाओं को खेल और अनुशासन की ओर प्रेरित कर रहा है। दूसरी तरफ मनरेगा योजना के तहत लगातार तालाब निर्माण का कार्य जारी है, जिस पर ग्रामीणों ने कई बार सवाल उठाए हैं।

जिनहरा में शुरू हुआ बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण युवाओं के लिए नई उम्मीद की किरण है। यह सिर्फ एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामूहिक विकास का प्रतीक बनने जा रहा है। कुछ युवा इस काम में पूरी लगन से जुटे हैं, यह मानते हुए कि खेल के जरिए न केवल शारीरिक और मानसिक विकास होता है, बल्कि यह उनके लिए एक उज्ज्वल भविष्य का द्वार भी खोल सकता है।

दूसरी ओर, तालाब निर्माण का सिलसिला बिना रुके जारी है। हालांकि, ग्रामीणों ने इसकी गुणवत्ता को लेकर कई बार मनरेगा लोकपाल और अन्य अधिकारियों के पास शिकायतें दर्ज कराई हैं। उनका कहना है कि तालाब की खुदाई और निर्माण में मानकों का पालन नहीं हो रहा है। पुराने तालाबों की मरम्मत पर ध्यान देने के बजाय नए तालाब बनाने पर जोर दिया जा रहा है, जो ग्रामीणों के बीच असंतोष का कारण बन रहा है।

इसके बावजूद, तालाब निर्माण कार्य नहीं रुका है। ऐसा प्रतीत होता है कि पंचायत को केवल तालाब निर्माण की ही जरूरत महसूस होती है, जबकि अन्य आवश्यक कार्य, जैसे सड़कों की मरम्मत, स्कूलों में सुविधाओं का विकास, और खेल के मैदानों का निर्माण, प्राथमिकता में पीछे छूट रहे हैं।

युवाओं ने इस असंतुलन पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि पंचायत को शिक्षा, खेल, और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए जितना तालाब निर्माण पर दिया जा रहा है। वे मानते हैं कि विकास का सही अर्थ तभी पूरा होगा जब सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए और कार्यों में पारदर्शिता हो।

इस सबके बीच, बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण एक सकारात्मक पहल है, जो काला पंचायत में युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है। यह समय है कि पंचायत और प्रशासन मिलकर विकास के कार्यों में संतुलन लाएं, ताकि हर क्षेत्र में समान रूप से प्रगति हो और ग्रामीणों के जीवन में सुधार आए।

अस्वीकरण:
यह ब्लॉग काला पंचायत, लक्ष्मीपुर प्रखंड, जमुई जिले में चल रही विकास योजनाओं और संबंधित गतिविधियों के बारे में जानकारी और विचार प्रस्तुत करता है। इसमें दी गई जानकारी स्थानीय स्रोतों और व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना है।

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