जमुई, बिहार: प्रमोद पांडे नामक एक नागरिक ने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत जिलाधिकारी, जमुई को एक आवेदन पत्र प्रस्तुत कर ग्रामीण स्वच्छता परियोजना में अनियमितताओं की जांच की मांग की है।
आवेदन में, पांडे ने निम्नलिखित जानकारियां मांगी हैं:
- परियोजना विवरण:
- परियोजना का नाम: "पंचायत काला में सभी घरों में कूड़ादान वितरण"
- परियोजना ID: 61925302
- आवंटित राशि: ₹3,00,000/-
- स्वीकृति तिथि: [तारीख डालें]
- लक्ष्य पूरा करने की तिथि:2022-03-16
- लाभार्थी विवरण:
- कूड़ादान बाल्टी प्राप्त करने वाले सभी लाभार्थियों की सूची
- प्रत्येक लाभार्थी का नाम, पता, और प्राप्त कूड़ादान बाल्टी की संख्या
- प्रमाणित और हस्ताक्षरित सूची
- कूड़ादान बाल्टी की खरीद:
- कूड़ादान बाल्टी खरीद के बिलों की प्रमाणित प्रतियां
- विक्रेता का नाम, पता, GSTIN नंबर, वस्तुओं का विवरण, मात्रा, प्रति यूनिट मूल्य, और कुल राशि
- हस्ताक्षरित और मुहर लगे बिल
- ठेकेदार का विवरण:
- कूड़ादान बाल्टी की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार का पूर्ण विवरण
- ठेकेदार का नाम, पता, GSTIN नंबर, संपर्क जानकारी, और अनुबंध संख्या
- प्रमाणित और हस्ताक्षरित विवरण
पांडे ने अनुरोध किया है कि सभी जानकारी 30 दिनों के अंदर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि परियोजना में धन का दुरुपयोग हुआ है और उन्होंने उचित जांच की मांग की है।
यह RTI आवेदन ग्रामीण स्वच्छता परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह मामला जमुई में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।
सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) भारत में एक महत्वपूर्ण कानून है जो नागरिकों को सरकारी सूचनाओं तक पहुंच का अधिकार देता है। RTI का उपयोग भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और अन्य गलत कामों को उजागर करने के लिए किया जा सकता है। यह नागरिकों को सरकार को जवाबदेह ठहराने और एक अधिक पारदर्शी और जवाबदेह शासन सुनिश्चित करने में मदद करता है।
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