Monday, June 10, 2024

काला पंचायत में 32 मनरेगा अधूरे योजनाएं: मानसून से पहले होगा काम पूरा या फिर होगा बवाल?


काला पंचायत में तकरीबन 32 मनरेगा योजनाएं हैं जो अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। मानसून 15 जून तक आने की उम्मीद है, और ग्रामीणों को डर है कि अगर ये योजनाएं मानसून से पहले पूरी नहीं हुईं तो फिर से "राना" जैसे लोग आकर सीधे मनेगा लोकपाल जाएंगे।

यह भी आरोप है कि मनरेगा अधिकारी अपना बयान देकर पल्ला झाड़ लेंगे कि काम अभी पूरा नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि लगभग सारा काम मिट्टी का है, जैसा कि लक्ष्मीपुर प्रखंड में ज्यादातर काम होते हैं। इस बात की पुष्टि दैनिक जागरण अखबार ने भी की थी।

ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा की वेबसाइट पर भी यह जानकारी देखी जा सकती है।

क्या होगा समाधान?

यह देखना बाकी है कि क्या ये 32 योजनाएं मानसून से पहले पूरी हो पाएंगी या फिर ग्रामीणों को फिर से आंदोलन करना पड़ेगा।

यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं जो इस स्थिति को सुधारने में मदद कर सकते हैं:

  • मनरेगा अधिकारियों को काम की गति बढ़ाने और समय पर पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए जाने चाहिए।
  • काम की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मिट्टी का इस्तेमाल केवल आवश्यक हो, जहां अन्य विकल्प उपलब्ध नहीं हैं।
  • ग्रामीणों को मनरेगा योजनाओं की निगरानी में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
  • मनरेगा की वेबसाइट और मोबाइल ऐप को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण आसानी से काम की प्रगति की जांच कर सकें।

आइए हम सब मिलकर इस समस्या का समाधान ढूंढें और सुनिश्चित करें कि मनरेगा योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।

यह ब्लॉग पोस्ट उन लोगों के लिए एक आवाज है जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और मनरेगा योजनाओं पर निर्भर करते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी आवाज उठाएं और मांग करें कि इन योजनाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।

No comments: