Tuesday, June 18, 2024

ब्लॉगर पर चर्चा: क्या मानसून से पहले जल संचयन संरचना का निर्माण पूरा होगा?


आज हम आपके लिए लाए हैं बिहार के जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड स्थित काला पंचायत से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर। इस पंचायत में ग्राम काला के chhath Ghat का निर्माण (Rain Water Harvesting Tank) नामक एक जल संचयन संरचना का निर्माण कार्य चल रहा है।

परियोजना का विवरण:

  • वित्तीय वर्ष: 2023-2024
  • राज्य: बिहार
  • जिला पंचायत और समकक्ष: जमुई
  • प्रखंड पंचायत और समकक्ष: लक्ष्मीपुर
  • ग्राम पंचायत और समकक्ष: काला
  • गतिविधि कोड: 69939551
  • गतिविधि का नाम: अन्य जल संचयन संरचना का निर्माण
  • गतिविधि विवरण: ग्राम काला के गेरबा  में chhath Ghat का निर्माण
  • थीम का नाम: थीम 4 - जल-संपन्न गांव
  • गतिविधि का प्रकार: लोक निर्माण कार्य
  • फोकस क्षेत्र: पेयजल
  • गतिविधि की स्थिति: चालू (WORK ONGOING)
  • गतिविधि लागत: ₹900,000
  • आउटपुट प्रकार: संपत्ति (Asset)
  • कार्य का प्रकार: नया/हाल का निर्माण
  • लागत रहित गतिविधि: नहीं
  • प्रत्यायोजित गतिविधि: नहीं
  • साझा करने योग्य गतिविधि: नहीं

परियोजना की संपत्ति विवरण:

  • संपत्ति का प्रकार: अचल संपत्ति (Immovable)
  • संपत्ति श्रेणी: जल स्रोत और संरचनाएं (Water Sources & Structures)
  • संपत्ति उप श्रेणी: वर्षा जल संचयन टैंक (Rain Water Harvesting Tank)
  • कवरेज क्षेत्र: क्षेत्र (Area)
  • संपत्ति इकाई प्रकार: संख्या (Number)
  • संपत्ति इकाईयों की संख्या: 1
  • संपत्ति इकाई लागत: ₹900,000
  • संपत्ति का स्थान: काला

चिंता का विषय:

परियोजना की वर्तमान स्थिति "कार्य जारी" बताई जा रही है। आशंका है कि मानसून का मौसम आने वाला है और यदि मानसून से पहले यह परियोजना पूरी नहीं होती है, तो भ्रष्टाचार फिर से सर उठा सकता है।

पिछले अनुभवों के आधार पर, यह माना जा सकता है कि कुछ पंचायत अधिकारी जानबूझकर परियोजना को अधूरा छोड़ सकते हैं। बाद में, मानसून के बाद, वे "मरम्मत कार्य" के नाम पर अतिरिक्त धन आवंटन कराने की कोशिश कर सकते हैं।

हमें क्या करना चाहिए?

  • ग्रामीणों को जागरूक करना: ग्रामीणों को इस परियोजना के बारे में जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे इसकी प्रगति पर नजर रख सकें।
  • पंचायत से जवाबदेही मांगना: ग्रामीणों को पंचायत से इस बात का जवाब मांगना चाहिए कि परियोजना कब तक पूरी होगी।
  • उच्च अधिकारियों से शिकायत: यदि ग्रामीणों को लगता है कि जानबूझकर परियोजना में देरी की जा रही है, तो उन्हें जिलाधिकारी (डीएम) या अन्य संबंधित विभागों से शिकायत करनी चाहिए।

आशा है कि सम्बंधित विभाग और पंचायत अधिकारी इस मामले में तत्परता दिखाएंगे और मानसून से पहले ही जल संचयन संरचना का निर्माण पूरा कर लेंगे। ग्रामीणों को भी सतर्क रहना चाहिए और भ्रष्टाचार की किसी भी संभावना को रोकना चाहिए।

आपको यह जानकारी कैसी लगी? इस विषय पर अपने विचार कमेंट में जरूर दें।

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पेयजल आपूर्ति परियोजना से संबंधित जानकारी:

यह जानकारी eGramSwaraj वेबसाइट (https://egramswaraj.gov.in/) से प्राप्त की गई है।

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