Monday, June 17, 2024

ब्लॉगर पर चर्चा: मनरेगा मोबाइल निगरानी प्रणाली (NMMS) - पारदर्शिता लाने वाला कदम


नमस्कार पाठकों!

आज हम चर्चा करने जा रहे हैं मनरेगा मोबाइल निगरानी प्रणाली (National Mobile Monitoring System - NMMS) के बारे में। यह एक ऐसी पहल है जिसने मनरेगा (महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट) योजना में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया है।

एनएमएमएस कब शुरू हुआ?

मनरेगा मोबाइल निगरानी प्रणाली को 1 जनवरी, 2023 से देशभर में लागू किया गया। इससे पहले इसे राजस्थान के अलवर जिले में सफलतापूर्वक चलाया गया था।

एनएमएमएस के क्या फायदे हैं?

एनएमएमएस के कई महत्वपूर्ण फायदे हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं:

  • भूत भुर्ज लाभार्थी रोकना: मनरेगा योजना में एक बड़ी समस्या "भूत" लाभार्थियों की थी। ये वे लोग होते थे जो योजना के तहत काम किए बिना ही पैसा प्राप्त कर लेते थे। एनएमएमएस के तहत, उपस्थिति दर्ज कराने और भू-स्थानिक तस्वीरें लेने की आवश्यकता से इस तरह की धोखाधड़ी को कम करने में मदद मिलती है।
  • वेतन भुगतान में तेजी: एनएमएमएस के माध्यम से उपस्थिति और मजदूरी डेटा को वास्तविक समय में अपलोड किया जा सकता है। इससे वेतन भुगतान में देरी कम करने में मदद मिलती है।
  • दूरस्थ निगरानी: एनएमएमएस अधिकारियों को दूरस्थ रूप से कार्यस्थल की प्रगति की निगरानी करने में सक्षम बनाता है। इससे भ्रष्टाचार और योजना के दुरुपयोग की संभावना कम हो जाती है।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही: एनएमएमएस कार्यक्रम में पारदर्शिता और जवाबदेही लाता है। उपस्थिति डेटा और तस्वीरों के डिजिटल रिकॉर्ड होने से जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

एनएमएमएस अभी भी एक नई पहल है, लेकिन यह मनरेगा योजना में सुधार और भ्रष्टाचार को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। हमें उम्मीद है कि यह प्रणाली आने वाले समय में और भी मजबूत होगी।

आपको यह लेख कैसा लगा? क्या आपके मन में एनएमएमएस से जुड़े कोई सवाल हैं? हमें कमेंट में जरूर बताएं।

धन्यवाद!

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