Wednesday, June 19, 2024

जिस बात की आशंका थी, वही हुआ: जमुई में मानसून के साथ अधूरे सरकारी कार्यों का संकट!


जमुई जिले में मानसून आगमन के साथ ही पानी और मिट्टी से संबंधित सरकारी योजनाओं की अधूरी स्थिति चिंता का विषय बन गई है।

विशेष रूप से काला पंचायत में, जहां पिछले एक-दो महीनों से हम लगातार इन अधूरे कार्यों को लेकर रिपोर्टिंग कर रहे हैं, स्थानीय अधिकारी इन मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

केवल मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों में थोड़ी सावधानी बरती गई है, बाकी सब वैसा ही चल रहा है

यह स्थिति निराशाजनक है और ग्रामीणों के जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।

आइए जानते हैं कि इस स्थिति का क्या असर हो सकता है:

  • अधूरे जल संरक्षण कार्यों के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
  • मिट्टी संरक्षण कार्यों की कमी से भूस्खलन हो सकता है।
  • अधूरे पेयजल कार्यों से ग्रामीणों को स्वच्छ जल की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

क्या काला पंचायत इस संकट का सामना करने के लिए तैयार है?

यह सवाल अभी अनसुलझा है।

हमें उम्मीद है कि स्थानीय अधिकारी इन अधूरे कार्यों को प्राथमिकता देंगे और मानसून के मौसम से पहले उन्हें पूरा कर लेंगे।

यह भी महत्वपूर्ण है कि ग्रामीण इन मुद्दों पर आवाज उठाएं और अपने अधिकारों के लिए खड़े हों।

आइए मिलकर इस संकट का सामना करें और जमुई जिले को बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाएं।

इसके लिए, हम निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं:

  • स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें और इन अधूरे कार्यों के बारे में अपनी चिंता व्यक्त करें।
  • सोशल मीडिया का उपयोग करके इन मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाएं
  • सरकारी योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें और अपने अधिकारों को समझें।

आइए मिलकर जमुई जिले को एक बेहतर और सुरक्षित जगह बनाएं!

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