परिचय:
मैं, प्रमोद पाण्डे, बिहार के जमुई जिले की लक्ष्मीपुर तहसील के अंतर्गत आने वाली काला पंचायत का एक नागरिक हूँ। मैं पिछले कुछ समय से मनरेगा योजना के अंतर्गत हो रहे भ्रष्टाचार की ओर सबका ध्यान दिलाना चाहता हूँ।
समस्या:
मैंने पाया है कि काला पंचायत में मनरेगा के वर्कर फर्जी हाजिरी लगा रहे हैं। यह फर्जी हाजिरी NREGA ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज की जा रही है, जो स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार का मामला है।
शिकायत दर्ज कराने के प्रयास:
मैंने इस मामले की शिकायत सम्बंधित मनरेगा अधिकारियों को पहले ही दर्ज करा दी है। लेकिन, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
अगला कदम:
चूंकि अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, इसलिए मैं अब अपनी शिकायत को मनरेगा लोकपाल और जमुई के जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) के समक्ष आधिकारिक रूप से दर्ज कराने जा रहा हूँ।
आपसे अनुरोध:
मैं सभी सम्बंधित अधिकारियों से अनुरोध करता हूँ कि वे मनरेगा योजना में हो रहे इस भ्रष्टाचार को रोके। फर्जी हाजिरी को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
नोट:
- इस ब्लॉग के अंत में मैंने कुछ फर्जी हाजिरी के स्नैपशॉट संलग्न किए हैं।
निष्कर्ष:
मनरेगा योजना का उद्देश्य ग्रामीण विकास और गरीबी उन्मूलन करना है। फर्जी हाजिरी इस योजना के लक्ष्यों को कमजोर करती है। मुझे उम्मीद है कि इस ब्लॉग पोस्ट और आधिकारिक शिकायत के माध्यम से इस भ्रष्टाचार को रोका जा सकेगा।
आप क्या सोचते हैं?
क्या आप कला पंचायत में मनरेगा में हो रहे इस भ्रष्टाचार से सहमत हैं? आपको क्या लगता है कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जानी चाहिए? अपनी टिप्पणियों में हमें बताएं।
कृपया ध्यान दें:
- यह ब्लॉग पोस्ट केवल जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लिखी गई है।
- यह किसी भी व्यक्ति या विभाग का आधिकारिक बयान नहीं है।
- यदि आपके कोई प्रश्न हैं तो कृपया सम्बंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें।
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