पिछले 15 वर्षों की उदासी:
काला पंचायत, जो 15 वर्षों से तीन मुखिया देख चुका है, शिक्षा और खेल के क्षेत्र में उन्नति के लिए तरस रहा है। 10+2 की शिक्षा के लिए जमुई और अन्य शहरों जाना, कमजोर कॉलेज का समर्थन, स्कूलों और कॉलेज में घटती उपस्थिति - ये कुछ ऐसे मुद्दे हैं जो आज भी काला पंचायत को पीछे खींच रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था: बदलाव की ज़रूरत:
लेखक ने समाज के लिए बेहतर करने की कोशिश की, लेकिन धमकियों का सामना करना पड़ा। मनरेगा में काम करने वाले ग्रामीणों से सवाल पूछता है - क्या उन्होंने कभी स्कूलों और कॉलेजों की दुर्दशा देखी है? बच्चों की समस्याओं को समझा है? ट्यूशन पर निर्भरता क्यों?
मनरेगा में भ्रष्टाचार:
लेखक मनरेगा में भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले लेखों के कारण होने वाली परेशानी का भी उल्लेख करते हैं। ग्रामीणों से आग्रह करते हैं कि वे इन मुद्दों पर विचार करें।
स्वच्छता: एक बड़ी समस्या:
काला पंचायत में मृत जानवरों को खुले में फेंक दिया जाता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। ग्रामीणों के अंतिम संस्कार के लिए उचित सुविधाओं का अभाव है, जबकि पंचायतराजय से धन उपलब्ध है।
खेल: युवाओं की प्रतिभा दम तोड़ रही है:
खेल के प्रतिभाशाली युवाओं को नैतिक समर्थन नहीं मिल पाता। क्रिकेट और अन्य खेलों में प्रतिभा रखने वाले युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिलता।
आह्वान:
लेखक सभी ग्रामीणों से आग्रह करते हैं कि वे इन मुद्दों पर विचार करें और काला पंचायत को शिक्षा, खेल और स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम करें।
एकजुट होकर हम बदलाव ला सकते हैं!
यह ब्लॉग काला पंचायत की वास्तविक तस्वीर पेश करता है। शिक्षा, खेल और स्वच्छता में सुधार लाने के लिए ग्रामीणों को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे।
अंत में:
यह ब्लॉग काला पंचायत के लोगों को प्रेरित करता है कि वे अपनी आवाज उठाएं और अपने गांव को बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम करें। शिक्षा, खेल और स्वच्छता में सुधार लाकर वे काला पंचायत को एक आदर्श गांव बना सकते हैं।
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