लघु जल संसाधन विभाग, जमुई, काला पंचायत के किसानों को लगातार पिछले चार वर्षों से सिर्फ़ आश्वासनों पर टिका रहा है। प्रखंड कार्यालय लक्ष्मीपुर के सीओ के निष्पक्ष निर्णय से स्पष्ट होता है कि विभाग की मंशा किसी तरह एक और साल निकालकर पांच साल का कॉन्ट्रैक्ट पूरा करने की है। इसके बाद कोई नया ठेका लेकर एक बार फिर किसानों को उसी खेल में उलझाया जाएगा, जैसे बीते वर्षों में होता रहा है। किसानों की समस्याएं और उनकी आजीविका के साथ यह खेल जारी है, जहां हर बार विभाग के अधिकारी अपने फायदे के लिए नई रणनीतियां बनाते हैं, और किसान खुद को बार-बार ठगा महसूस करते हैं।
मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मेरी कई सालों की कोशिशें रंग लाई हैं। बिहार सरकार के लोक शिकायत निवारण कार्यालय ने मेरी शिकायत पर अंततः निर्णय दिया है, जिसमें धधरिया सिंचाई योजना के तहत काला पंचायत के किसानों के जल संकट और नहर के अतिक्रमण की समस्याओं का विस्तार से निराकरण सुनिश्चित किया गया है।
तिथि- 01/11/2024 को जारी किए गए इस अंतिम निर्णय में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मेरी शिकायत बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम, 2015 के तहत दर्ज कर जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय, जमुई को भेजी गई थी। मैं वर्षों से धधरिया से आने वाली नहर पर अतिक्रमण और जल प्रवाह की समस्याओं को उठाता रहा हूँ। इस मामले में लोक प्राधिकार-सह- कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, जमुई को मेरी शिकायत की गंभीरता को समझते हुए नोटिस जारी की गई और विस्तृत निरीक्षण के बाद प्रतिवेदन पत्रांक-1998, दिनांक- 15.10.2024 प्रस्तुत किया गया।
इस प्रतिवेदन में बताया गया कि धधरिया पईन का जीर्णोद्धार कार्य वित्तीय वर्ष 2019-2020 में किया गया था, जिससे स्थानीय किसानों को बीते चार सालों से सिंचाई का लाभ मिल रहा था। हालांकि, निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नहर के कुछ हिस्सों में पानी का प्रवाह घटा हुआ था, जिससे किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुँच पा रहा था। इसका मुख्य कारण था नहर के किनारे का अतिक्रमण और जलापूर्ति में कमी। मेरी उपस्थिति में स्थिति की समीक्षा करते हुए प्राधिकरण ने आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया और पानी के प्रवाह को सुचारू रूप से बहाल करने के लिए संवेदक को साफ-सफाई और बाधा मुक्त जल प्रवाह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अंचल अधिकारी लक्ष्मीपुर ने भी अपने प्रतिवेदन में स्पष्ट किया कि अतिक्रमण के बिना भी नहर में कचरा, झाड़ियाँ और उगी हुई वनस्पतियों के कारण पानी का बहाव रुक गया था, जिससे पईन में पानी का प्रवाह बाधित हो रहा था। सफाई के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसानों की सिंचाई समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
इस निर्णायक फैसले के साथ, मैं न केवल अपने लिए बल्कि अपने गाँव के अन्य किसानों के लिए भी बेहद संतोष महसूस कर रहा हूँ। यह रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है कि अगर एकजुटता और धैर्य के साथ अपनी बात को सही तरीके से उठाया जाए, तो बदलाव मुमकिन है। अब, हमारे पास एक स्पष्ट समाधान और निर्देश हैं, जो न केवल इस समस्या का अंत करेगा बल्कि हमारे क्षेत्र में एक नई उम्मीद भी जगाएगा।
No comments:
Post a Comment