Wednesday, November 6, 2024

काला पंचायत में फिर से तलब निर्माण का कार्य शुरू, लेकिन बाकी ज़रूरी काम कब होंगे?

काला पंचायत में एक बार फिर से मनरेगा से तालाब निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। देखने में यह भले ही एक सकारात्मक कदम लग सकता है, पर क्या सिर्फ तालाब ही यहां की समस्याओं का समाधान है? पंचायत में पानी से जुड़ी समस्याएं तो कई हैं, लेकिन इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है।

यहां के मंदिर, जो हमारे सामूहिक संस्कृति और आस्था का प्रतीक हैं, जर्जर स्थिति में हैं। ये मंदिर कभी हमारे बुजुर्गों के आशीर्वाद से गूंजते थे, आज खंडहर बनते जा रहे हैं। फिर भी, पंचायत और प्रशासन की ओर से इनकी मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। गांव में सामुदायिक स्थल, जहां लोग अपने धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां कर सकें, नहीं के बराबर हैं। ऐसे में, ग्रामीणों का सामूहिक रूप से इकट्ठा होकर समस्याओं पर चर्चा करना या खुशियां मनाना भी मुश्किल हो गया है।

काला पंचायत के नेतागण इन मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसा लगता है जैसे वे अपनी ही दुनिया में मस्त हैं, उन्हें यहां के लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं से कोई मतलब नहीं। आसमान से पानी गिरने का इंतजार करते हुए लोग अपनी उम्मीदें खोते जा रहे हैं, और नेता अपना कमल तान कर घी पीने में लगे हुए हैं।

पंचायत का तालाब बनाना एक सराहनीय कदम है, लेकिन इसके अलावा दूसरे काम भी जरूरी हैं। हमें उम्मीद है कि प्रशासन और पंचायत जल्द ही इन बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देंगे। गांव का विकास तभी होगा जब यहां की हर जरूरत का ध्यान रखा जाएगा, न कि केवल मिट्टी-पानी के खेल में उलझकर।

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