Thursday, October 10, 2024

ब्लॉग: आगामी विधानसभा चुनाव और किसानों की अनदेखी


बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, और सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को रिझाने में जुट गए हैं। इसी बीच, हमारे काला पंचायत, लक्ष्मीपुर तालुका, जमुई के किसान पिछले दो वर्षों से जल संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। चुनावी रैलियों और भाषणों में केवल वादों की भरमार है, परंतु वास्तविक समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं।

हमारे सांसद श्री दामोदर रावत - ज.द.यू., झाझा विधानसभा क्षेत्र, जमुई के एक प्रमुख नेता, हाल ही में दुर्गा पूजा के दौरान मंदिर का दौरा करने आए और गिद्धौर में जागरण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। फेसबुक पर उनकी उपस्थिति हर दिन नई पोस्ट्स और शुभकामनाओं से भरी रहती है – वे सक्रिय रूप से लोगों का स्वागत करते हैं, बधाइयाँ देते हैं। लेकिन क्या ये डिजिटल सक्रियता ज़मीनी स्तर पर किसी ठोस बदलाव का प्रतीक है?

मेरा सवाल यहाँ से शुरू होता है – चुनाव जीतने के बाद से कितने बार श्री दामोदर रावत जी ने अपने क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को हल करने के लिए दौरे किए? फेसबुक पर पोस्ट करना एक बात है, लेकिन क्या उनके पास कोई दस्तावेज़ या रिपोर्ट है जो दिखा सके कि उन्होंने कितनी समस्याओं को सुलझाया? क्या उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स में वास्तविक परिवर्तन की झलक मिलती है, या वे बस डिजिटल दुनिया में ही सक्रिय हैं?

हम बिहार के लोग अब दिखावों से थक चुके हैं। हमारे मुख्यमंत्री और सांसद जनता दरबार करते हैं, समस्याओं को सुनते हैं, लेकिन परिणाम? जमीनी स्तर पर कुछ खास बदलाव नहीं दिखता। यह बिहार की कठोर सच्चाई है। डिजिटल पोस्ट्स और राजनीतिक भाषणों से जनता का पेट नहीं भरता। समस्याएँ वही हैं, किसान संघर्ष कर रहे हैं, बेरोज़गारी जस की तस बनी हुई है।

मैं श्री दामोदर रावत जी से अपील करता हूँ कि वे सोशल मीडिया की चमक से बाहर निकलें और अपनी ज़िम्मेदारियों का सामना करें। काला पंचायत, लक्ष्मीपुर तालुका, जमुई के किसान गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं – पानी की किल्लत, फसल नुकसान, और बुनियादी सुविधाओं की कमी। यह केवल हमारे पंचायत की नहीं, बल्कि पूरे बिहार और देश की हकीकत है।

अगर आप वास्तव में जनता के नेता हैं, तो ज़मीनी स्तर पर काम करके दिखाएँ। सिर्फ फेसबुक पोस्ट्स से चुनाव जीतना आसान हो सकता है, लेकिन जनता का विश्वास तभी मिलेगा जब उनकी समस्याओं का समाधान होगा। आपके पास अब सत्ता है, कृपया इसका सही इस्तेमाल करें। जनता का विश्वास और समर्थन सोशल मीडिया के पोस्ट्स से नहीं, बल्कि ठोस कार्यों से जीता जाता है।

हमारी यह माँग है – श्री दामोदर रावत जी, गाँवों में आएँ, किसानों की समस्याएँ सुनें और उन्हें हल करने के लिए ठोस कदम उठाएँ।

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