Monday, October 7, 2024

बिहार सरकार ने राज्य में सार्वजनिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को सुदृढ़ करने के लिए बिहार पब्लिक सेफ्टी (मेजर्स) एनफोर्समेंट एक्ट, 2024 लागू किया है।

बिहार सरकार ने राज्य में सार्वजनिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को सुदृढ़ करने के लिए बिहार पब्लिक सेफ्टी (मेजर्स) एनफोर्समेंट एक्ट, 2024 लागू किया है। इस कानून के तहत राज्य के सार्वजनिक स्थलों पर CCTV कैमरों और अन्य सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्य स्थापना की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना, अपराधों को रोकना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। इसके साथ ही, यह अधिनियम "रोकथाम आधारित पुलिसिंग" को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है, ताकि आतंकवादी हमलों और अन्य सुरक्षा खतरों से निपटा जा सके।

अधिनियम के तहत सभी संस्थानों, व्यावसायिक केंद्रों, धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी उपकरण लगाने की जिम्मेदारी संस्थानों के मालिकों पर होगी। उन्हें अपने खर्च पर इन कैमरों की स्थापना करनी होगी और कम से कम 30 दिनों की वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होगी। यह रिकॉर्डिंग कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराई जाएगी।

यदि कोई संस्थान इस अधिनियम का पालन नहीं करता है, तो उस पर पहले महीने के लिए ₹10,000 और उसके बाद हर महीने ₹25,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार एक सार्वजनिक सुरक्षा समिति का गठन करेगी, जो निगरानी प्रणाली की देखरेख करेगी और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करेगी।

इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य राज्य में अपराध दर को कम करना, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना, और अपराधियों के खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित कर कानूनी कार्रवाई को सशक्त बनाना है। इसका सफल कार्यान्वयन राज्य में एक सुरक्षित और संरक्षित वातावरण तैयार करेगा, जिससे नागरिकों का विश्वास कानून व्यवस्था पर बढ़ेगा।

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