Thursday, October 10, 2024

जागरण और दुर्गा अष्टमी की रात: बिजली कटौती से बुझते दीप

आज दुर्गा अष्टमी है, पूजा का वो दिन जब पूरा वातावरण देवी की शक्ति और आस्था से भर जाता है। चारों ओर दिए जलते हैं, और मंदिरों में घंटियों की गूंज हमें भीतर तक ऊर्जा से भर देती है। लेकिन इस पावन रात में, बिजली कटौती ने पूरे माहौल को ठंडा कर दिया। शाम से बिजली न होने के कारण अंधेरे में डूबे घर और मंदिर, उस भक्ति और प्रकाश की कमी महसूस कर रहे थे जो इस दिन का प्रमुख हिस्सा है।

त्योहारों का समय हम सभी के लिए विशेष होता है। यह वो वक्त होता है जब हम अपने घरों और दिलों को रोशनी और उमंग से भरते हैं। लेकिन जब बिजली की आपूर्ति ही बाधित हो जाए, तो भला यह त्योहार की रौनक कैसे बनी रहे? SBPDCL की लापरवाही ने इस त्योहार की उत्सुकता को धूमिल कर दिया। हम सभी जानते हैं कि बिजली की कमी एक बड़ी समस्या है, लेकिन त्योहारों के मौसम में हमें और भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

आने वाले दिनों में नवरात्रि के बाद दशहरा, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहार हैं। हम SBPDCL जमुई से विनम्र निवेदन करते हैं कि इन समस्याओं को जल्द से जल्द हल करें। जब पूरा परिवार एक साथ पूजा में बैठता है, तो वह समय बहुत खास होता है। और ऐसे समय में अगर बिजली कट जाए, तो यह हमारी भक्ति और भावना दोनों को प्रभावित करता है।

बिजली सिर्फ एक सेवा नहीं है, यह हमारे त्योहारों का हिस्सा है, हमारी खुशी और उमंग का हिस्सा है। SBPDCL से अनुरोध है कि उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए त्योहारों के दौरान बिजली सेवा को सही और नियमित करें, ताकि हर घर में दीप जलते रहें और हर दिल में उमंग बनी रहे।

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