हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एमपॉक्स वायरस (पूर्व में मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था) को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (Public Health Emergency of International Concern) घोषित किया है। यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वायरस, विशेष रूप से उसके क्लेड 1 वेरिएंट, दुनिया के कई हिस्सों में तेजी से फैल रहा है और इसके कारण गंभीर बीमारी हो सकती है, खासकर बच्चों और उन लोगों में जो इससे संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आते हैं।
एमपॉक्स वायरस का क्लेड 1 वेरिएंट अब तक अधिकतर अफ्रीकी देशों, विशेषकर कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में फैला है, और अब यह दुनिया के अन्य हिस्सों में भी फैल रहा है। यह वेरिएंट क्लेड 2 की तुलना में अधिक गंभीर है, जो 2022 में फैला था और ज्यादातर यौन संपर्क के माध्यम से फैलता था। क्लेड 1 से जुड़े संक्रमण में मृत्यु दर अधिक है और इसे परिवारों में भी फैलते देखा गया है, जिससे यह अधिक चिंताजनक बन गया है।
WHO के निदेशक-जनरल, डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने कहा कि एमपॉक्स के इस नए वेरिएंट का उभार और इसका तेजी से फैलाव अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की आवश्यकता को इंगित करता है। WHO और अन्य संगठनों ने मिलकर एक समन्वित प्रतिक्रिया की मांग की है ताकि इस बीमारी के प्रसार को रोका जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।
इस निर्णय के बाद, प्रभावित देशों में निगरानी, रोकथाम, और टीकाकरण कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। WHO ने इसके लिए एक क्षेत्रीय प्रतिक्रिया योजना तैयार की है, जिसमें निगरानी, तैयारियों और प्रतिक्रिया गतिविधियों के लिए प्रारंभिक $15 मिलियन की आवश्यकता बताई गई है।
एमपॉक्स वायरस का उभार यह बताता है कि वैश्विक स्वास्थ्य संकटों के प्रति सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण है, और यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी देशों को इस तरह के खतरों से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए: [WHO's official statement on Mpox](https://www.who.int)
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