जमुई जिले के लक्ष्मीपुर तालुका के काला पंचायत में स्थित वार्ड नंबर 1, 2 और 8 के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। इन केंद्रों पर बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में लगातार कमी आ रही है, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
वार्ड नंबर 1 में मार्च 2024 से आंगनबाड़ी सेविका के निधन के बाद से केंद्र बंद पड़ा है। इससे बच्चों की शिक्षा और विकास पर गहरा असर पड़ रहा है।
वार्ड नंबर 2 के आंगनबाड़ी केंद्र में पिछले महीने पंखों की समस्या उठाई गई थी, जो अब तक हल नहीं हो पाई है। बच्चों को गर्मी की तपिश में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
वार्ड नंबर 8 के आंगनबाड़ी केंद्र में भी स्थिति अच्छी नहीं है। यहां बच्चों को दी जाने वाली भोजन की गुणवत्ता में लगातार कमी आ रही है। इसके अलावा, अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
इन तीनों वार्डों में आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति के बारे में पहले भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह उदासीनता बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में इन केंद्रों की अहम भूमिका होती है। लेकिन इन केंद्रों की बदहाल स्थिति ने इन जरूरतों को पूरा करने में बाधा उत्पन्न कर दी है।
जिला प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करते हुए इन समस्याओं का समाधान ढूंढना होगा। वार्ड नंबर 1 में जल्द से जल्द नए आंगनबाड़ी सेविका की नियुक्ति, वार्ड नंबर 2 में पंखों की व्यवस्था और वार्ड नंबर 8 में भोजन की गुणवत्ता में सुधार आवश्यक है। साथ ही, इन केंद्रों में अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बच्चों का भविष्य हमारे हाथों में है। हमें उनके उज्जवल भविष्य के लिए काम करना होगा।
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