धरती पुत्रों की उपेक्षा
जमुई जिला , लक्ष्मीपुर तालुका बिहार के काला पंचायत के किसान पिछले कुछ वर्षों से सिंचाई के लिए पानी की भारी किल्लत झेल रहे हैं। धारदरिया नदी से निकलने वाली नहर में खराब निर्माण और नियमित सफाई न होने के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो गया है। कुछ लोग नहर पर अतिक्रमण का भी आरोप लगा रहे हैं। इस समस्या के कारण किसान धान जैसी महत्वपूर्ण फसल नहीं उगा पा रहे हैं।
नहरों की दयनीय स्थिति
धारदरिया नदी से निकलने वाली नहर दो भागों में विभाजित होती है - एक काला आहार की ओर और दूसरी डिब्टी साहेब आहर और डुमरिया आहर की ओर। जबकि काला आधार की ओर जाने वाली नहर में पानी का प्रवाह ठीक है, लेकिन दूसरी नहर में खराब निर्माण और सफाई की कमी के कारण पानी का प्रवाह लगभग बंद सा हो गया है। इस समस्या को मीडिया ने भी उठाया है, लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारी इस समस्या के समाधान में नाकाम रहे हैं।
किसानों की पीड़ा
किसानों के पास सिंचाई के लिए पानी नहीं होने के कारण लगभग 500 एकड़ जमीन सूखी पड़ी है। धान की रोपाई का मौसम है और किसान धान की फसल नहीं लगा पा रहे हैं। धान केवल एक उदाहरण है, कई अन्य फसलें भी इस पानी की कमी से प्रभावित हो रही हैं। किसानों की आय का मुख्य स्रोत कृषि है और इस समस्या के कारण उनकी आर्थिक स्थिति भी बिगड़ रही है।
किसानों के संघर्ष
किसानों ने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने कई बार प्रदर्शन भी किए हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। किसानों ने लाल बहादुर शास्त्री के उस नारे को याद दिलाया है, "जय जवान जय किसान"। लेकिन दुख की बात है कि संबंधित विभाग इस नारे का सम्मान नहीं कर रहे हैं।
करोड़ों रुपये की बर्बादी
धारदिया नदी पर करोड़ों रुपये खर्च करके बांध बनाया गया था, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। लेकिन आज भी किसानों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह एक बड़ी विडंबना है। इतने बड़े खर्च के बाद भी किसानों की समस्या का समाधान न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
संभावित समाधान
नहरों की मरम्मत: नहरों की नियमित सफाई और मरम्मत की जानी चाहिए।
अतिक्रमण हटाना: नहरों पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए।
नई तकनीक का उपयोग: सिंचाई के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि ड्रिप सिंचाई।
जल संरक्षण: पानी के संरक्षण के उपाय किए जाने चाहिए, जैसे कि बारिश का पानी संचय करना।
किसानों को जागरूक करना: किसानों को जल संरक्षण और कुशल सिंचाई के तरीकों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
प्रशासन की जिम्मेदारी
प्रशासन को चाहिए कि वह किसानों की समस्या को गंभीरता से ले और उपरोक्त सुझावों पर अमल करे। किसानों की फसल बचाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
हम सबकी जिम्मेदारी
पानी एक अनमोल संसाधन है। हमें पानी बचाने और इसका सदुपयोग करने के लिए जागरूक होना होगा। साथ ही, हमें प्रशासन पर दबाव बनाना होगा ताकि सभी किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।
(1)दूसरी डिब्टी साहब आहर और डुमरिया आहर के नाला सुखा.
(2) नहर काला आधार की ओर जाती.....
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