Tuesday, August 13, 2024

धारदरिया नदी के नहरों में जल संकट: काला पंचायत, लक्ष्मीपुर प्रखंड, जमुई जिले के किसानों की धान की फसल पर संकट के बादल



धारदरिया नदी से निकलने वाली नहरें काला पंचायत, लक्ष्मीपुर प्रखंड, जमुई जिले के किसानों के लिए जीवनरेखा मानी जाती हैं, लेकिन पिछले दो वर्षों से इस जीवनरेखा में दरारें पड़ गई हैं। काला पंचायत के मुखिया श्री रंधीर यादव ने इस गंभीर समस्या को कई बार उठाया है, लेकिन अभी तक समाधान की कोई ठोस पहल नहीं हुई है। 

धारदरिया नदी पर करोड़ों रुपये खर्च कर एक डैम बनाया गया, जो काला पंचायत के खेतों में हरियाली लाने के लिए था, लेकिन इस निर्माण के बावजूद जल संकट की यह स्थिति क्यों बनी हुई है? बिहार सरकार के लघु जल संसाधन विभाग द्वारा इस परियोजना को चार साल पहले पूरा किया गया था, लेकिन अभी तक इसका सही ढंग से संचालन नहीं हो पाया है। 

काला पंचायत और आसपास के क्षेत्र में दो मुख्य नहरें हैं जो नदी के जल को खेतों तक पहुंचाने का काम करती हैं। इनमें से एक नहर का जल प्रवाह सुचारू रूप से हो रहा है, लेकिन दूसरी नहर में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच रही है। इसका कारण है नहरों की गलत निर्माण योजना, नियमित सफाई की कमी, और शायद कुछ अतिक्रमण भी। इस गंभीर समस्या ने किसानों की धान की फसल को संकट में डाल दिया है।

काला पंचायत के मुखिया और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को स्थानीय अधिकारियों और जिला प्रशासन के समक्ष कई बार रखा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस समस्या को मीडिया में भी उजागर किया गया, लेकिन फिर भी प्रशासन का रवैया उदासीन बना हुआ है।

इस जल संकट के कारण काला पंचायत और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 1000 एकड़ भूमि सूखी पड़ी है, और किसान धान की बुवाई करने में असमर्थ हो गए हैं। यह सोचने वाली बात है कि एक ओर हम "जय जवान, जय किसान" का नारा लगाते हैं, तो दूसरी ओर हमारे किसान अपनी ही ज़मीन पर पानी के लिए तरस रहे हैं।

निवेदन: काला पंचायत के मुखिया श्री रंधीर यादव और हम सभी किसान बिहार सरकार से आग्रह करते हैं कि इस समस्या पर जल्द से जल्द ध्यान दें और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि हमारे खेतों में फिर से हरियाली लौट सके और किसान अपनी धान की फसल सुरक्षित रख सकें।

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