Saturday, August 31, 2024

पतिदेव के ससुराल के किस्से



जब पत्नी को मायके जाना होता है, तो वो सचमुच सुपरवुमन बन जाती हैं! 💪 10 मिनट में सारा सामान पैक करके तैयार हो जाती हैं 🚆, जैसे ट्रेन प्लेटफॉर्म पर खड़ी हो और उसे किसी भी हाल में पकड़ना हो। पतिदेव सोचते हैं, "मायके में बीवी कितनी खुश रहने वाली है, मुझे तो उसकी तैयारी देखकर ही खुशी हो रही है!" ❤️

परंतु, जब ससुराल से लौटने का समय आता है, तो वही पत्नी धीमी गति से तैयार होती हैं 🐢। बहाने सुनने को मिलते हैं— "आज दिन ठीक नहीं है 🌧️", "पूजा-पाठ करना है 🕉️", "मूड नहीं है 😌"। पतिदेव सोचते हैं, "अरे, कुछ दिन मायके में रहकर बीवी की तबियत ठीक हो जाएगी," लेकिन पत्नी तो बस इस मौके का फायदा उठाकर मजे करती रहती हैं 🎉।

पतिदेव जब पत्नी को लेने ससुराल पहुंचते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे वो अदालत में तारीख पर तारीख सुनने गए हों 📜। और जब पत्नी जाने से मना कर देती हैं, तो पतिदेव का गुस्सा बढ़ जाता है 😡। मन ही मन सनी देओल का डायलॉग याद करते हैं— "तारीख पर तारीख! कब चलेगी मेरे साथ?" 🤯

पतिदेव की हालत कुछ ऐसी हो जाती है जैसे उन्हें हर बार अदालत में हाजिरी देने की सजा मिल रही हो 😅। अगर यह एक प्रतियोगिता होती, तो पतिदेव का कहना होता: "पत्नी की मायके की छुट्टियां और पति की ससुराल की सजा—दोनों का मिलन कभी न कभी तो होना ही है!" 🤦‍♂️😆