आजकल देखने में आ रहा है कि हमारी कम्युनिटी में पहली से नौवीं कक्षा तक पढ़ाने वाले बहुत से निजी शिक्षक केवल गणित विषय पर ही ध्यान देते हैं। लगभग 90% शिक्षक सिर्फ गणित पढ़ाते हैं, जबकि बाकी विषयों को सिर्फ 10% शिक्षक ही पढ़ाते हैं।
समस्या कहां है?
इस असंतुलन के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- अभिभावकों की सोच: कई बार अभिभावक गणित को ही सबसे कठिन विषय मानते हैं और उसी पर ही ध्यान देते हैं। वे अक्सर यह नहीं पूछते कि उनके बच्चे ने ट्यूशन में अन्य विषयों में क्या सीखा।
- शिक्षकों का झुकाव: कुछ शिक्षक गणित में ही अधिक सहज महसूस करते हैं और उसी को पढ़ाने में ज्यादा रुचि रखते हैं।
- प्रतियोगिता का दबाव: कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गणित महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस वजह से कुछ शिक्षक सिर्फ उसी पर फोकस करते हैं।
इसका नुकसान क्या है?
यह असंतुलन बच्चों के समग्र विकास में बाधा उत्पन्न करता है। सिर्फ गणित सीखने से बच्चे विज्ञान, इतिहास, सामाजिक अध्ययन और भाषा जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों में पिछड़ सकते हैं।
हम क्या कर सकते हैं?
- जागरूकता फैलाएं: अपने आसपास के लोगों को इस असंतुलन के बारे में बताएं। उन्हें समझाएं कि सभी विषय महत्वपूर्ण हैं।
- बच्चों से बात करें: अपने बच्चों से पूछें कि उन्होंने ट्यूशन में क्या सीखा। सिर्फ गणित के अलावा अन्य विषयों में उनकी प्रगति के बारे में भी जानें।
- अच्छे शिक्षकों की तलाश करें: ऐसे शिक्षकों की तलाश करें जो सभी विषयों को पढ़ाने में सक्षम हों।
- शिक्षकों से बात करें: अपने बच्चों के ट्यूशन टीचर से बात करें और उन्हें सभी विषयों को पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें।
विज्ञान परियोजनाओं का सुझाव!
मैंने विज्ञान से जुड़ी कुछ परियोजनाओं के लिंक भी शेयर किए हैं। ये वीडियो यूट्यूब पर उपलब्ध हैं, जिन्हें पद्म श्री अरविंद गुप्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जोकि IIT कानपुर के पूर्व प्रोफेसर हैं। ये शिक्षक हमारे बच्चों को विज्ञान के रोचक प्रयोगों से सीखने में मदद कर सकते हैं।
आप दिए गए लिंक्स को देखकर अपने बच्चों के साथ मिलकर इन प्रयोगों को आजमा सकते हैं।
https://youtube.com/playlist?list=PLZkStIyi8n1hQ_9iAPqMYzuctG9bpTM8E&si=FmAwViV2vRjrK3Xu
आइए, मिलकर इस असंतुलन को दूर करें और सुनिश्चित करें कि हमारे बच्चे सभी विषयों में मजबूत बनें।
No comments:
Post a Comment