कोचिंग हब कोटा से एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। 19 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद मीणा, जो NEET की तैयारी कर रहे थे, कथित तौर पर पढ़ाई छोड़कर 5 साल के लिए घर छोड़कर चले गए हैं।
क्या हुआ?
राजेंद्र अपने परिवार को एक संदेश छोड़कर गए, जिसमें उन्होंने कहा कि वह आगे पढ़ाई नहीं करना चाहते और 5 साल तक घर नहीं लौटेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वह कोई गलत कदम नहीं उठाएंगे और साल में एक बार अपने परिवार से संपर्क करेंगे। उनके पिता, जगदीश मीणा ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
क्या हैं वजह?
राजेंद्र के इस कदम के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। यह खबर कई सवाल खड़े करती है। क्या NEET की तैयारी का दबाव इतना अधिक था कि उन्हें यह कदम उठाना पड़ा? क्या उन्हें किसी और क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना है? फिलहाल, इन सवालों का कोई जवाब नहीं है।
चिंता का विषय
यह घटना कोटा में छात्रों पर पढ़ाई के दबाव को उजागर करती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का माहौल काफी तनावपूर्ण हो सकता है, जिससे छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
क्या करें?
- छात्रों का समर्थन: अभिभावकों और शिक्षकों को छात्रों का समर्थन करना चाहिए और उन पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए।
- कॅरियर काउंसलिंग: छात्रों को अपने कॅरियर विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन देना ज़रूरी है ताकि वे inform होकर निर्णय ले सकें।
- मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान: मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और छात्रों को सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है।
आशा है कि राजेंद्र जल्द ही सुरक्षित वापस लौट आएंगे। यह घटना हमें शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार करने और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का आह्वान करती है।
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