बिजली मंत्रालय का दावा है कि जून 2021 में देशभर में ग्रामीण इलाकों में औसत बिजली आपूर्ति 22.17 घंटे और शहरों में 23.36 घंटे थी। यह आंकड़ा सुनकर शायद जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के लोग मुस्कुरा देंगे। क्योंकि यहां का हाल इन आंकड़ों से बिलकुल अलग है।
यहां के लोग पिछले कुछ महीनों से रोजाना 7 से 8 घंटे की बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं। गर्मी के मौसम में यह कटौती और भी मुश्किल हो जाती है। लोगों का कहना है कि एसबीडीसीएल (साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटड ) को उनकी समस्याओं से कोई फर्क नहीं पड़ता।
यह सच है कि पिछले कुछ सालों में बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी काफी अंतर है। बिजली कटौती अभी भी कई ग्रामीण इलाकों में एक बड़ी समस्या है, खासकर फसल के मौसम के दौरान।
यह भी गौरतलब है कि मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़े जून 2021 के हैं। यह संभव है कि मौजूदा बिजली आपूर्ति की स्थिति इससे भी खराब हो।
क्या हो सकता है समाधान?
- ग्रामीण इलाकों में बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
- बिजली वितरण प्रणाली में सुधार।
- नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना।
- बिजली चोरी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाना।
यह उम्मीद की जा सकती है कि सरकार इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करेगी और जमुई जैसे जिलों के लोगों को भी 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराएगी।
अस्वीकरण: यह जानकारी जून 2021 के आंकड़ों और वर्तमान समय में जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड की स्थिति पर आधारित है। यह संभव है कि अन्य ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की स्थिति अलग हो।
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