बिहार में किसानों के हित में सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इन योजनाओं में से एक है धान खरीद योजना। इस योजना के तहत सरकार किसानों से धान खरीद करती है और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर भुगतान करती है।
हालांकि, इस योजना में भी भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि पैक्स अध्यक्षों के द्वारा फर्जी किसानों की लिस्ट बनाकर करोड़ो रुपयों का धंधा किया जा रहा है।
इस मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि इस मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी किसानों की लिस्ट बनाने के लिए पैक्स अध्यक्ष कई तरह के तरीके अपनाते हैं। कभी-कभी वे अपने रिश्तेदारों या दोस्तों के नाम पर फर्जी किसानों की लिस्ट बनाते हैं। कभी-कभी वे मृत किसानों के नाम पर भी फर्जी किसानों की लिस्ट बनाते हैं।
फर्जी किसानों की लिस्ट बनाने से पैक्स अध्यक्षों को कई तरह के फायदे होते हैं। सबसे पहले, इससे उन्हें सरकार से मिलने वाले पैसे में से कुछ हिस्सा अपने पास रखने का मौका मिलता है। दूसरे, इससे उन्हें धान की खरीद में होने वाली परेशानी से बचने का मौका मिलता है।
फर्जी किसानों की लिस्ट बनाने से किसानों को भी नुकसान होता है। इससे किसानों को धान की MSP पर भुगतान नहीं मिल पाता है।
इस मामले में सरकार को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। सरकार को चाहिए कि वह इस मामले की जांच कराए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
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