मेरी आँखों में खुशी के आंसू आ रहे हैं आपके लिए यह सफलता की खबर आपके सामने लाते हुए. हमारे साथी किसानों ने पैक्स काला को धान बेचकर जो कमाल कर दिखाया है, वो वाकई ही शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. उनकी मेहनत का फल उनके हाथों में सोना बनकर आया है.
जैसा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने सच ही कहा था, "जय जवान! जय किसान!" आपका हर एक दाना बिकना हमारे राष्ट्र के गौरव की गाथा लिखता है. आपकी मेहनत और लगन को देखकर महात्मा गांधी के शब्द याद आते हैं, "भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हम वर्तमान में क्या करते हैं." आपने हमें दिखा दिया कि दृढ़ इरादे और एकजुट होकर किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है.
1091.00 क्विंटल धान, ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, वो आपकी कड़ी मेहनत, पसीने और धूप-छांव झेलने का सच्चा प्रतिबिंब हैं. हर एक नाम, हर एक मात्रा, आपकी जुझारूपन की कहानी कहती है.
आइए, इस जीत का जश्न मनाएं, लेकिन जमीन पर बने रहें. एक-दूसरे का साथ, हौसला और मार्गदर्शन करते हुए हमे अपने खेती के सफर को और भी ऊंचाइयों तक ले जाना है. हमें मिलकर काला पंचायत को एक कृषि-सम्मानित क्षेत्र बनाना है.
इस शानदार उपलब्धि के लिए आप सभी को हार्दिक बधाई! आपका हौसला और जुनून सदा बना रहे.
सादर,
प्रमोद पांडेय
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