जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड की काला पंचायत के लोग इन दिनों बिजली के उतार-चढ़ाव से बेहाल हैं. करीब 48 घंटे से लगातार जारी इस समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. प्रमोद पांडेय नामक उपभोक्ता (खाता संख्या 2310002842, शिकायत संख्या 1009008299) ने क्षेत्रीय विद्युत वितरण कंपनी (एसबीपीडीसीएल) से गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.
श्री पांडेय ने बताया, "पिछले 15 दिनों से बिजली का उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है. इससे न सिर्फ लोगों को भारी परेशानी हो रही है, बल्कि बिजली के उपकरण भी खराब हो रहे हैं. हमने कई बार शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.
इस विकट परिस्थिति को व्यक्त करने के लिए श्री पांडेय ने प्रसिद्ध हिंदी कवि हजारी प्रसाद द्विवेदी की पंक्तियों का सहारा लिया:
"जीवन सरोवर में तरंगें हैं दुख की, हर्ष की लहरें हैं क्षणभंगुर बहीं जाती हैं. दुख के सागर में सुख के कण बिखर जाते हैं, फिर भी जीवन की धारा बहती चली जाती है."
उन्होंने कहा, "हमारी समस्याओं का सागर भी गहरा है, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि सुख का कोई कण आकर इस अंधकार को दूर करेगा. संबंधित विभागों से हमारी विनती है कि वे हमारी समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाएं. हम यहाँ असहाय नहीं रह सकते."
क्या बिहार सरकार और एसबीपीडीसीएल काला पंचायत के लोगों की इस गुहार पर ध्यान देंगे? क्या उनके जीवन में सुख की कोई लहर आएगी? आने वाला समय ही इसका जवाब देगा.
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