भारतीय न्याय संहिता (BNS) अधिनियम 2023 न केवल अपराधों को कम करने का लक्ष्य रखता है, बल्कि सड़क सुरक्षा को भी प्राथमिकता देता है। इसमें कई प्रावधान शामिल हैं जो सड़क पर अनुशासन बनाए रखने और दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास करते हैं। इन प्रावधानों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और दंड का भी प्रावधान है। आइए इन महत्वपूर्ण प्रावधानों और उनके निहितार्थों को गहराई से देखें:
धारा 281: लापरवाही से वाहन चलानायह सर्वविदित है कि लापरवाही से वाहन चलाना दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। BNS की धारा 281 सार्वजनिक स्थानों पर तेज रफ्तार, नशे में गाड़ी चलाना, या यातायात नियमों का उल्लंघन करने जैसे लापरवाही से वाहन चलाने के कृत्यों को दंडनीय बनाती है। इस अपराध के लिए अधिकतम 6 महीने की कैद या ₹1000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
धारा 282: नाबालिगों द्वारा वाहन चलानायुवा ड्राइवर अक्सर अनुभवहीन होते हैं और जोखिम लेने की अधिक प्रवृत्ति रखते हैं। BNS की धारा 282 स्पष्ट रूप से बताती है कि निर्धारित आयु से कम उम्र के व्यक्तियों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। इस प्रावधान का उल्लंघन करने पर नाबालिग के अभिभावक को जुर्माना लगाया जा सकता है। यह प्रावधान सड़क पर परिपक्व और अनुभवी चालकों को बढ़ावा देता है।
धारा 283: वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोगवाहन चलाते समय मोबाइल फोन या अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग चालक के ध्यान को भटका सकता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा सकता है। BNS की धारा 283 इस तरह के distractions को कम करने के लिए वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग को प्रतिबंधित करती है। उल्लंघन करने पर ₹5000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
धारा 284 और 285: वाहन बीमा और प्रदूषण परीक्षणBNS की धारा 284 न्यूनतम तृतीय-पक्षीय बीमा को अनिवार्य बनाकर दुर्घटनाओं की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करती है। वहीं, धारा 285 वाहनों के लिए नियमित प्रदूषण परीक्षण को अनिवार्य कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है। इन दोनों प्रावधानों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
धारा 286 और 287: शराब या ड्रग्स के सेवन के तहत वाहन चलानाशराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ के सेवन के नशे में गाड़ी चलाना सबसे खतरनाक लापरवाही में से एक है। BNS की धारा 286 और 287 इन कृत्यों को दंडनीय बनाती हैं। पहली बार अपराध करने पर जुर्माना और कैद दोनों हो सकते हैं। बार-बार अपराध करने पर कठोर दंड का प्रावधान है।
मोटर वाहन दुर्घटना मृत्यु दावा
दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मोटर वाहन दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर, मृतक के आश्रितों को मुआवजे का दावा करने का कानूनी अधिकार है। मुआवजे की राशि दुर्घट
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