नमस्कार पाठकों!
आज हम आप सभी को ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पंचायत सरकार भवनों के निर्माण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं, बिहार सरकार राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में योजनाबद्ध तरीके से पंचायत सरकार भवन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए भूमि चयन एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरण है।
भूमि चयन प्रक्रिया:
राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिला पदाधिकारी (डीएम) की भूमिका पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का चयन करना है। डीएम को जिला स्तर पर लक्ष्य निर्धारित करना होता है और यह सुनिश्चित करना होता है कि चयनित भूमि निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करती है:
- पर्याप्त मात्रा: भूमि इतनी होनी चाहिए कि पंचायत सरकार भवन के निर्माण के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध हो।
- सुगम पहुंच: यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि चयनित भूमि ग्रामीणों के लिए आसानी से सुलभ हो।
- सार्वजनिक उपयोग नहीं: भूमि पहले से किसी सार्वजनिक उपयोग के लिए आवंटित नहीं होनी चाहिए।
- स्वामित्व स्पष्ट: आदर्श रूप से, भूमि सरकारी स्वामित्व की होनी चाहिए। यदि नहीं, तो मुआवजे पर अधिग्रहण किया जाना चाहिए।
- निर्माण के लिए उपयुक्त: भूमि समतल और निर्माण कार्य के लिए उपयुक्त होनी चाहिए।
चयन प्रक्रिया के चरण:
- लक्ष्य निर्धारण: डीएम जिला स्तर पर पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए लक्ष्य निर्धारित करेंगे। (यह लक्ष्य संलग्नक-1 में दर्शाया जाएगा, जिसे इस ब्लॉग में शामिल नहीं किया गया है।)
- भूमि उपलब्धता का आकलन: डीएम उन पंचायतों में, जहाँ अभी पंचायत सरकार भवन नहीं है, वहां उपयुक्त भूमि की उपलब्धता का आकलन करेंगे।
- पंचायत को सूचना: डीएम पंचायत सरकार भवन विहीन पंचायतों को दो सप्ताह का समय देकर जमीन उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
- आवश्यक दस्तावेज: निर्धारित तिथि के अंदर जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में पंचायत को निम्नलिखित विवरणी अंचलाधिकारी के कार्यालय में जमा करनी होगी:
- खतियान की प्रति
- जमीन की किस्म (आम/खास/रैयती)
- गैरमजरूआ (आम) भूमि के मामले में, पंचायत सरकार भवन के उपयोग के लिए पंचायत की बैठक की कार्यवाही
- जमीन पंचायत सरकार भवन बनाने के लिए उपयुक्त है इससे संबंधित अंचलाधिकारी का पत्र
- रैयती जमीन दान में दी गयी है तो राज्यपाल के नाम निबंधित दस्तावेज़ की प्रति
भूमि चयन प्राथमिकता:
- पहली प्राथमिकता: पंचायत सरकार भवन का निर्माण ग्राम पंचायत के मुख्यालय गाँव में ही किया जाएगा।
- दूसरी प्राथमिकता: यदि मुख्यालय गाँव में भूमि अनुपलब्ध है, तो डीएम ग्राम पंचायत क्षेत्र के किसी अन्य गाँव में उपयुक्त भूमि का चयन कर सकते हैं।
- अन्य गाँव में चयन के दौरान, अधिक जनसंख्या वाले राजस्व ग्राम को प्राथमिकता दी जाएगी। जनसंख्या समान होने पर, अनुसूचित जाति की जनसंख्या का प्रतिशत चयन का आधार होगा।
भूमि की किस्म:
- पंचायत सरकार भवन यथासंभव सरकारी गैरमजरूआ आम/ गैरमजरूआ मालिक भूमि पर बनाया जाएगा। जमीन की किस्म में तालाब, सड़क, नदी आदि शामिल नहीं होनी
- इस ब्लॉग ("पंचायत सरकार भवन निर्माण: भूमि चयन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी") में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी सरकारी विभाग या नीति का आधिकारिक प्रतिनिधित्व नहीं करती है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम जानकारी और प्रक्रियाओं के लिए अपने संबंधित जिला पंचायती राज कार्यालय से संपर्क करें। इस ब्लॉग की सामग्री के उपयोग से उत्पन्न किसी भी परिणाम के लिए लेखक या ब्लॉग स्वामी जिम्मेदार नहीं होगा।
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