आप सभी जानते हैं कि बच्चों के विकास के लिए सुरक्षित और पोषणयुक्त वातावरण कितना जरूरी होता है। यही कारण है कि सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र चलाए जाते हैं। लेकिन जमुई जिले, लक्ष्मीपुर तालुका के काला पंचायत, वार्ड नंबर 2 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 50 की हालत देखकर मेरा दिल चिंता से भर गया।
मेरी बेटी अभी भले ही स्कूल जाने की उम्र तक नहीं पहुंची है, लेकिन वह बच्चों के बीच रहना और सीखना-खेलना देखकर बहुत उत्साहित होती है। इसलिए, मैं कभी-कभी उसे सिर्फ 10-15 मिनट के लिए आंगनवाड़ी केंद्र ले जाती हूँ, ताकि वह वहां के माहौल को देख सके।
लेकिन, हाल ही में मेरी इस छोटी सी कोशिश ने मुझे बड़े ज्वलंत मुद्दे से रूबरू करा दिया। केंद्र के अंदर का नजारा बेहद परेशान करने वाला था। कक्षा में न तो बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह थी और न ही गर्मी से राहत दिलाने के लिए पंखे लगाए गए थे। असल में, वहां तो धुआँ ही धुआँ था, क्योंकि खाना बनाने के लिए लकड़ी की आग का इस्तेमाल किया जा रहा था। आप सोच सकते हैं कि यह वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है।
बारिश का मौसम भी शुरू हो चुका है, लेकिन बच्चों के खेलने के लिए कोई पक्का इंतजाम नहीं है। ऐसे में उन्हें कीचड़ भरी मिट्टी में खेलने को मजबूर होना पड़ता है। इससे न सिर्फ उन्हें बीमार पड़ने का खतरा रहता है, बल्कि उनका खेल-कूद भी प्रभावित होता है।
क्या यही वह माहौल है जिसकी उम्मीद हमें अपने बच्चों के विकास के लिए करनी चाहिए? हमें तो उन्हें एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देना चाहिए ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
आंगनवाड़ी केंद्रों की बदहाली पर समाज सुधारक डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के ये विचार भी गौर करने लायक हैं:
"समाज का विकास तभी संभव है, जब समाज के हर वर्ग का विकास हो, और हर वर्ग के विकास का आधार होता है शिक्षा" - डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर
आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों, खासकर वंचित वर्गों के बच्चों के विकास की शुरुआत करते हैं। इन केंद्रों की दयनीय स्थिति उनके शिक्षा के अधिकार को प्रभावित कर रही है।
"शिक्षा ही एकमात्र ऐसा अस्त्र है जिसके द्वारा आप दुनिया का रूप बदल सकते हैं" - डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर
आज जरूरत है कि हम अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दें, ताकि वे अपना और समाज का भविष्य उज्जवल बना सकें।
मैं सभी संबंधित अधिकारियों से अनुरोध करता हूं कि कृपया इन आंगनवाड़ी केंद्रों की जर्जर स्थिति पर ध्यान दें। हमारे बच्चों का भविष्य दांव पर है। उनकी सुरक्षा और शिक्षा हमारा सामूहिक दायित्व है।
आपको बता दें कि मैंने आंगनवाड़ी केंद्र की कुछ तस्वीरें ली हैं जिनमें वहां की खराब वेंटिलेशन और overcrowded माहौल को देखा जा सकता है।
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