पिछले कुछ समय पहले हमने जमुई जिले के लक्ष्मीपुर तालुका, कला पंचायत के वार्ड नंबर 2 और 8 स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों की जर्जर स्थिति को उठाया था। इन केंद्रों की दयनीय दशा बच्चों के विकास के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
हमें यह जानकर निराशा हुई है कि इस मामले में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। क्या जिला प्रशासन बच्चों के सीखने के माहौल को नजरअंदाज कर सकता है?
आइए फिर से उन गंभीर समस्याओं को याद करते हैं जिनका सामना इन आंगनबाड़ी केंद्रों को करना पड़ रहा है:
पोषण की कमी: बच्चों को मिलने वाला पोषणाहार अपर्याप्त मात्रा में है या फिर उसका दुरुपयोग किया जा रहा है।
सेवा में लापरवाही: आंगनबाड़ी केंद्रों की देखभाल करने वाली सेविकाएं अपना काम ईमानदारी से नहीं निभा रही हैं।
शिक्षा का अभाव: बच्चों को विकास के लिए जरूरी शिक्षा और गतिविधियां मुहैया नहीं कराई जा रही हैं।
आवश्यक सामग्री का दुरुपयोग: बच्चों के भोजन के लिए भेजे जाने वाले सामानों का गलत इस्तेमाल हो रहा है।
इसके अलावा, वार्ड नंबर 2 के आंगनबाड़ी केंद्र में एक अतिरिक्त समस्या है - कक्षाओं में पंखों की कमी। जमुई की तेज गर्मी को देखते हुए कक्षाओं में हवादार वातावरण बनाना बेहद जरूरी है।
आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों, खासकर वंचित वर्गों के बच्चों, के लिए पोषण, शिक्षा और देखभाल की बुनियाद रखते हैं। इन केंद्रों की खस्ता हालत का सीधा असर उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ता है। साथ ही, असहनीय गर्मी बच्चों के ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है।
हम जिला प्रशासन से मांग करते हैं कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और निम्नलिखित कदम उठाएं:
जांच कमेटी का गठन करें: आंगनबाड़ी केंद्रों की जर्जर स्थिति की जांच के लिए एक निष्पक्ष जांच कमेटी का गठन किया जाए।
जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करें: जांच के बाद अगर लापरवाही या दुरुपयोग के मामले सामने आते हैं, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
आंगनबाड़ी केंद्रों का जीर्णोद्धार: केंद्रों की मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम कराया जाए ताकि उन्हें बच्चों के लिए सुरक्षित और उपयुक्त बनाया जा सके। इसमें वार्ड नंबर 2 के लिए कक्षाओं में पंखों की व्यवस्था भी शामिल है।
आप भी अपनी आवाज बुलंद करें!
यदि आप भी अपने आस-पास के आंगनबाड़ी केंद्रों में किसी भी तरह की गड़बड़ी देखते हैं, तो स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। साथ ही, इस ब्लॉग को सोशल मीडिया पर शेयर करें ताकि जिला प्रशासन जल्द से जल्द इस ज्वलंत मुद्दे का समाधान कर सके।
बच्चों का भविष्य दांव पर है! आइए मिलकर जमुई जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर बनाएं!
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