झूला देवी को हर महीने देना पड़ा ₹228, जबकि बिजली का उपयोग ही नहीं हुआ; 6 साल पहले की गई शिकायत को नजरअंदाज किया गया
जमुई (लक्ष्मीपुर)।
हमारे गांव काला पंचायत की झूला देवी पिछले छह वर्षों (72 महीनों) से बिजली विभाग की अनदेखी का शिकार रही हैं। उनके घर का मीटर लगातार 0 यूनिट दर्शा रहा है, फिर भी SBPDCL हर महीने ₹228.53 का बिल भेजता रहा। मार्च 2025 के ताजा बिल में अब ₹21,970.71 का बकाया दर्शाया गया है।
शिकायत की गई, कार्रवाई नहीं हुई – सवाल विभाग पर
झूला देवी ने 2019 में ही शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके घर का बिल ज़रूरत से ज़्यादा आ रहा है जबकि बिजली का उपयोग नहीं हो रहा। उन्होंने मीटर चेक कराने, फिक्स चार्ज हटाने और कनेक्शन स्थगित करने की मांग की थी, लेकिन SBPDCL ने कोई सुनवाई नहीं की।
हर कोई जानता है – बिजली बिल न भरने पर कनेक्शन काटा जाता है
गांव-गांव में सबको मालूम है कि अगर कोई उपभोक्ता लगातार बिल नहीं भरता, तो विभाग कनेक्शन अपने आप काट देता है।
तो फिर झूला देवी का कनेक्शन 6 साल तक कैसे चालू रहा?
यह सवाल सिर्फ तकनीकी नहीं, विभागीय लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
ताजा बिल: मार्च 2025
- यूनिट उपयोग: 0
- फिक्स चार्ज: ₹191.20
- बिजली टैक्स: ₹37.33
- कुल मासिक अतिरिक्त शुल्क: ₹228.53
- कुल बकाया: ₹21,970.71
6 साल का आंकड़ा – अनुमान पर आधारित, सच्चाई शायद और गंभीर
₹228.53 × 72 महीने = ₹16,453.96
यह आंकड़ा ताजा दर के आधार पर लगाया गया है। पिछले वर्षों में दरें कुछ कम या ज्यादा रही हों, लेकिन झूला देवी का सवाल जस का तस है —
जब बिजली नहीं जली, तो पैसा क्यों मांगा गया?
सिर्फ झूला देवी नहीं, कई उपभोक्ता हो रहे शिकार
झूला देवी का मामला सामने आने के बाद, हमारे गांव और आसपास के इलाकों से कई उपभोक्ता सामने आए हैं, जिन्होंने बताया कि उनके भी कनेक्शन से बिजली नहीं जली, फिर भी उन्हें हजारों रुपये के बिल थमा दिए गए।
अब गांववाले एकजुट हो रहे हैं, और SBPDCL के खिलाफ सामूहिक शिकायत और आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है:
"अब और नहीं सहेंगे। हम सब मिलकर इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाएंगे।"
हमारी मांग – न्याय हो, भ्रष्टाचार बंद हो
- झूला देवी की बकाया राशि पूरी तरह माफ की जाए।
- विभागीय लापरवाही और भ्रष्टाचार की RTI के तहत जांच हो।
- सभी ऐसे उपभोक्ताओं के मामलों की समीक्षा कर गलत तरीके से वसूले गए पैसे लौटाए जाएं।
अब ये सिर्फ एक महिला की लड़ाई नहीं रही – अब ये हमारी लड़ाई है
“हम चुप नहीं रहेंगे, अब गांव बोलेगा।”
“बिजली नहीं जली, तो भुगतान नहीं होगा।”
“भ्रष्ट बिलिंग सिस्टम को हम सब मिलकर खत्म करेंगे।”
स्पष्टीकरण (Disclaimer)
यह ब्लॉग लेख केवल जनहित में सूचना और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी झूला देवी नामक एक उपभोक्ता के बिजली बिल से संबंधित वास्तविक बिल और अनुभव पर आधारित है।
इस लेख में प्रस्तुत आंकड़े, जैसे कि मासिक फिक्स चार्ज, टैक्स, तथा कुल बकाया राशि, मार्च 2025 के बिजली बिल से लिए गए हैं और पिछले वर्षों के लिए केवल अनुमान (अंदाज़ा) लगाए गए हैं। पुरानी दरों में उतार-चढ़ाव संभव है, जिसकी पुष्टि संबंधित विभाग से प्राप्त दस्तावेजों से की जा सकती है।
लेख का उद्देश्य बिजली विभाग की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना, ग्रामीण उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, तथा जनता को संगठित होकर अपनी समस्याओं के समाधान हेतु प्रेरित करना है।
यदि इस लेख में किसी संस्था, विभाग या व्यक्ति को लेकर कोई असहमति हो, तो वह लेखक से संपर्क कर अपनी बात रख सकता है। किसी भी प्रकार की कानूनी वैधता या समाधान का दावा इस लेख के माध्यम से नहीं किया जाता।
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