"बिहार विधानसभा चुनाव 2025: लक्ष्मीपुर बीडीओ कार्यालय में नेताजी की टीम और जनता के साथ टपोरी व्यवहार?"
बिहार में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, नेताओं की सक्रियता ज़मीन पर बढ़ने लगी है। इसी क्रम में आज मैं, एक आम नागरिक, अपने व्यक्तिगत काम से लक्ष्मीपुर प्रखंड कार्यालय पहुँचा। लेकिन जो अनुभव वहाँ हुआ, उसने मुझे भीतर तक सोचने पर मजबूर कर दिया।
बीच बहस में बैठा था 'नेताजी का टपोरी'
जब मैं बीडीओ साहब के कार्यालय पहुँचा, तो देखा कि वहाँ श्री दामोदर रावत जी (विधायक, झाझा विधानसभा) की टीम पहले से मौजूद थी। बीडीओ साहब के दाएँ ओर खुद रावत जी बैठे थे। मैंने दरवाज़ा खटखटाया, अंदर गया और आवेदन सौंपा। जैसे ही मैंने पत्र दिया, बीडीओ साहब थोड़े अचरज में बोले – "कौन दे रहा है ये?" मैंने हाथ उठाया और कहा कि मैं।
तभी एक अजीब तरह के हावभाव वाला लड़का—जो न किसी सरकारी ड्रेस में था, न किसी पहचान पत्र के साथ—धीरे से बोला:
"बाहर निकलो, यहाँ कोई पब्लिक काम नहीं हो रहा है।"
उसकी चाल, भाषा, और आचरण एक सामान्य सरकारी कर्मचारी से बिल्कुल मेल नहीं खा रही थी। उसके हावभाव में एक तरह की दबंगई थी, मानो वह वहाँ का कोई अधिकारी हो।
दरबान को भी आदेश दिया – "कोई अंदर न आए"
इसके बाद वह व्यक्ति बाहर निकला और दरबान से बोला – "कोई आदमी अंदर न घुसने पाए।"
मैं कुछ क्षण वहीं बाहर खड़ा रहा, यह देखने के लिए कि आगे क्या होता है, लेकिन मुझे वहाँ आम आदमी के लिए कोई जगह नहीं दिखी। धीरे-धीरे मैं वहाँ से लौट आया।
अब सवाल यह उठता है:
- क्या यह व्यक्ति दामोदर रावत जी की टीम का सदस्य था? अगर हाँ, तो क्या ऐसे लोगों को जनप्रतिनिधियों के आस-पास रहने की अनुमति होनी चाहिए जो जनता से इस तरह बात करें?
- क्या किसी भी आम नागरिक को एक लोकतांत्रिक दफ्तर—जो कि जन सेवा के लिए है—से इस तरह बाहर निकाला जा सकता है?
- क्या बीडीओ कार्यालय अब नेताजी के निजी कैंप में तब्दील हो चुके हैं?
जनता के साथ ऐसा व्यवहार क्यों?
जिस व्यक्ति ने मुझसे ऐसे बात की, उसमें न तो विनम्रता थी, न संवेदनशीलता। उसकी भाषा में धमकी झलक रही थी, मानो वह कोई 'गुर्गा' हो। इस तरह के लोग ही नेताओं की छवि बिगाड़ते हैं। और अगर वह रावत जी की टीम का नहीं था, तब भी नेताजी की मौजूदगी में एक अनधिकृत व्यक्ति का इस तरह आदेश देना बड़ा सवाल खड़ा करता है।
सम्माननीय दामोदर रावत जी से मेरा आग्रह है:
अगर यह व्यक्ति आपकी टीम का सदस्य है, तो कृपया जनता के साथ विनम्र व्यवहार सुनिश्चित कीजिए। ऐसे लोग आपकी मेहनत और छवि दोनों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। और यदि नहीं, तो आपकी उपस्थिति में इस प्रकार की हरकतों पर रोक लगाना ज़रूरी है।
आम जनता का लोकतंत्र में विश्वास तभी बना रह सकता है जब सरकारी दफ्तरों में सम्मान और न्याय बना रहे।
आपका –
एक जागरूक मतदाता
लक्ष्मीपुर प्रखंड, जमुई (बिहार)
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