ठीक आज से दो साल पहले मेरा भी सदी हुआ था। उस समय में समझ नहीं पाया था कि एक बाप अपनी बेटी को जब किसी जीवन साथी के हवाले करता है तो उसके मन में कितना दर्द और खुशी भी होता है।
यह बात आज मैं समझ पाया हूँ क्योंकि मेरी भी दो साल की एक बेटी है। आज हम अपने साले के सदी में शामिल हुए। जब संख पानी की रसम चालू हुई तो मैं कुछ देर तो उस मंडप पर रुका लेकिन हम लोगों का रोना देखा नहीं गया तो मुझे रुका नहीं गया।
बेटी की विदाई का वो पल मेरे लिए भी बहुत भावुक था। बेटी को जाते हुए देखकर मेरी आँखों में भी आंसू आ गए।
लेकिन साथ ही साथ उन्हें ये भी खुशी हुई कि उनका बेटी को अपना जीवन साथी मिल गया है। वो अब अपने नए घर में खुशहाल जीवन जीएगी।
बेटी की शादी एक पिता के लिए एक मिश्रित भावनाओं वाला अनुभव होता है। यह खुशी और गम दोनों का अवसर होता है।
इस अवसर पर मैं अपनी बेटी और उसके जीवनसाथी को उनके सुखद भविष्य की शुभकामनाएं देता हूँ।
कुछ भावुक पंक्तियाँ:
"बेटी की शादी में हर पल होता है खास, खुशी और गम का होता है इसमें मिश्रण अनेक। विदाई का वो पल होता है बड़ा ही भावुक, जब बेटी सजाकर जाती है नए घर को संवारने।"
आप सभी को भी अपनी बेटी की शादी की शुभकामनाएं।
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