प्रमोद पांडेय द्वारा
सिंघिया से बेला करहरिया रोड पर स्थित ओवरपास पुल एक गंभीर सुरक्षा खतरा बन गया है। पुल में उचित रेलिंग नहीं है, जिससे पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए गिरने और दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है।
यह रोड 2020 में बनाया गया था और इसकी अनुमानित लागत ₹73.71580 लाख थी। रोड 3 किलोमीटर लंबा है और ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा इसका रखरखाव किया जाता है।
पुल में रेलिंग की कमी निम्नलिखित खतरों को जन्म देती है:
- पैदल यात्री, खासकर बच्चे और बुजुर्ग, गिर सकते हैं और घायल हो सकते हैं।
- वाहन अनियंत्रित होकर पुल से नीचे गिर सकते हैं, जिससे गंभीर चोटें या जानलेवा हादसे हो सकते हैं।
- यह पुल स्कूल जाने वाले बच्चों द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता है, और रेलिंग की कमी उनके लिए खासतौर पर खतरनाक है।
मैंने इस मामले को ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यकारी अभियंता को लिखे पत्र में उठाया है। मैंने उनसे पुल पर तुरंत रेलिंग लगाने का अनुरोध किया है।
मैं आप सभी से भी इस मुद्दे को उठाने और पुल पर रेलिंग लगाने की मांग करने का आग्रह करता हूं। आप निम्नलिखित तरीकों से ऐसा कर सकते हैं:
- ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यकारी अभियंता को पत्र लिखें।
- इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर पोस्ट करें।
- स्थानीय मीडिया को इस मुद्दे से अवगत कराएं।
एक साथ मिलकर, हम इस खतरे को खत्म कर सकते हैं और अपने समुदाय को सुरक्षित बना सकते हैं।
यह भी ध्यान दें:
- पुल की तस्वीरें इस मुद्दे को उजागर करने में मददगार हो सकती हैं।
- आप इस पत्र की प्रतियां स्थानीय मीडिया और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेज सकते हैं।
आइए हम सब मिलकर इस खतरे को खत्म करें और अपने समुदाय को सुरक्षित बनाएं।
धन्यवाद।
प्रमोद पांडेय
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