Wednesday, March 20, 2024

बारिश का पानी बहे, सड़कें रहें सही: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में जल निकास के दिशा-निर्देश


प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सड़क निर्माण में जल निकास को बहुत महत्व दिया जाता है। यह सड़क की मजबूती और किफायती निर्माण दोनों के लिए जरूरी है। पीएमजीएसवाई के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस योजना के तहत बनाई जाने वाली ग्रामीण सड़कों पर उचित मात्रा में मिट्टी का कार्य (एंबैंकमेंट) और जल निकास प्रणाली होनी चाहिए। इसमें उचित संख्या और प्रकार के क्रॉस ड्रेनेज (सीडी) कार्य शामिल होते हैं, जैसे कि पुलिया आदि। 

हर ग्रामीण सड़क परियोजना के लिए जल निकास योजना में कई चीजें शामिल होनी चाहिए। इनमें सड़क का थोड़ा ऊँचा (कैम्बर) होना, सड़क के किनारे बनी नालियां और जल प्रवाह क्षमता का सही डिजाइन शामिल हैं। ये उपाय बाढ़ और सड़क को होने वाले नुकसान को रोकते हैं। 

निर्माण पूरा होने के बाद 5 साल तक, ठेकेदारों के लिए बारिश से होने वाले कटाव, सड़क के किनारों (शोल्डर), नालियों, क्रॉस ड्रेनेज कार्यों और गड्डों की मरम्मत करना अनिवार्य है। 

 साथ ही, बारिश का पानी निकालने के लिए एल-आकार की नालियों का निर्माण किया जाता है, जिन्हें क्रॉस ड्रेन के साथ जोड़ा जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि पानी अवांछित क्षेत्रों में न जाए। 

सही जल निकास डिजाइन को एक अच्छा निवेश माना जाता है। इससे भविष्य में कम खर्च में सड़क का रखरखाव किया जा सकता है और कुल मिलाकर कम लागत में सड़क का निर्माण होता है।

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