झारखंड के गिरिडीह जिले में एक संविदा पर नियुक्त ग्राम रोजगार सेवक ने पशु शेड के लिए आवंटित राशि का इस्तेमाल कर एक स्कॉर्पियो गाड़ी खरीद ली। यह मामला तब सामने आया जब ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
जानकारी के अनुसार, गिरिडीह जिले के पुरनानगर पंचायत में सुरेंद्र कुमार दास नामक व्यक्ति संविदा पर ग्राम रोजगार सेवक के रूप में कार्यरत है। आरोप है कि उसने पंचायत में मनरेगा योजना के तहत पशु शेड के निर्माण के लिए आवंटित 65.71 लाख रुपये में से 10 लाख रुपये से अधिक की राशि का इस्तेमाल कर एक स्कॉर्पियो गाड़ी खरीद ली।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में पशु शेड का निर्माण नहीं हुआ है, जबकि राशि का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने इसकी शिकायत पंचायत कार्यालय में दर्ज कराई।
मामले की जानकारी मिलने पर पंचायत के मुखिया ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्राम रोजगार सेवक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह घटना झारखंड में मनरेगा योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक उदाहरण है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है, लेकिन अक्सर इसका इस्तेमाल भ्रष्टाचार के लिए किया जाता है।
सरकार को इस योजना में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
No comments:
Post a Comment