Saturday, March 23, 2024

हेलमेट बचा सकता है जान: झझा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफ.आई.आर. संख्या 11/24 से एक सीख


तीन महीने पहले, एक ऐसी घटना घटी जिसने मेरी आंखें खोल दीं और मुझे जिंदगी का सबसे बड़ा सबक सिखाया। झझा थाने में दर्ज एफ.आई.आर. संख्या 11/24, यह एक आम मोटरसाइकिल सवारी थी जो एक परिवार के लिए हादसे में बदल गई।

मैंने उस शख्स से मुलाकात की जो इस हादसे का शिकार हुआ था। पति स्कूटी चला रहा था और उसने जिम्मेदारी से अपना हेलमेट पहना हुआ था, लेकिन उसकी पत्नी ने नहीं। दुर्घटना में पति को मामूली चोटें आईं, लेकिन पत्नी को गंभीर सिर की चोट आई। इलाज के लिए अब तक लगभग 10 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।

यह सोचकर मेरा दिल दहल जाता है कि अगर उनकी पत्नी ने भी हेलमेट पहना होता, तो शायद यह हादसा होता ही नहीं।

यह कहानी सिर्फ एक उदाहरण है। हर रोज़ सड़कों पर ऐसे हादसे होते रहते हैं, जिनमें से कई को हेलमेट पहनने से रोका जा सकता है। हेलमेट सिर्फ सिर की रक्षा नहीं करता, बल्कि यह दिमाग की गंभीर चोटों को कम करने में भी कारगर है। कई बार यही फर्क जिंदगी और मौत के बीच का फर्क होता है।

मैं आप सभी से विनम्र निवेदन करता हूँ कि कृपया हमेशा हेलमेट पहनें, खुद के लिए भी और अपने प्रियजनों के लिए भी। दो मिनट की लापरवाही पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

आज मैंने भी वापस से एक हेलमेट खरीदा है। हेलमेट पहनकर मुझे खुशी महसूस हो रही है, क्योंकि यह सिर्फ एक हेलमेट नहीं है, बल्कि यह मेरे और मेरे परिवार के लिए सुरक्षा का कवच है।

याद रखें - हेलमेट है ज़रूरी, सफर हो सुरक्षित हर पल!

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