नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को निर्देश दिया है कि वह 12 मार्च 2024 तक चुनाव आयोग को सभी इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी प्रदान करे। यदि बैंक समय सीमा का पालन करने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
एसबीआई ने पहले 30 जून 2024 तक जानकारी प्रकाशित करने के लिए समय मांगा था, लेकिन अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि बैंक द्वारा बार-बार टालमटोल करना अस्वीकार्य है और यह चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को कम करने का प्रयास प्रतीत होता है।
यह चेतावनी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में आई है, जिसमें एडीआर ने मांग की थी कि चुनाव आयोग को इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी सभी जानकारी प्रकाशित करने का निर्देश दिया जाए।
एसबीआई की बहानेबाजी को खारिज करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा:
"यह स्पष्ट है कि कुछ किरदारों को बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।"
अदालत ने यह भी कहा:
"चुनावी चंदे में पारदर्शिता लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।"
यह फैसला चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यहां कुछ मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
- सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को 12 मार्च 2024 तक चुनाव आयोग को सभी इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी प्रदान करने का निर्देश दिया है।
- यदि बैंक समय सीमा का पालन करने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
- अदालत ने कहा कि चुनावी चंदे में पारदर्शिता लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
- यह फैसला चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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