जमुई: लक्ष्मीपुर तालुका के काल पंचायत में मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 5 वर्षों में मच्छरों की संख्या में बहुत अधिक वृद्धि हुई है। इस कारण ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी प्रमोद कुमार पाण्डेय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में धुआँ निकालने (फॉगिंग) या मच्छरों के नियंत्रण के लिए कोई अन्य उपाय नहीं किए गए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) द्वारा प्रदत्त वेक्टर जनित रोग नियंत्रण दिशानिर्देशों के अनुसार तत्काल फॉगिंग की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि मच्छरों के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। उन्हें रात में सोने में भी मुश्किल होती है। उन्होंने कहा कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो मच्छर जनित बीमारियों का प्रसार बढ़ सकता है।
प्रमुख बातें:
- काल पंचायत में मच्छरों का आतंक
- मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा
- पिछले 2 वर्षों में नहीं हुई फॉगिंग
- ग्रामीणों ने तत्काल फॉगिंग की मांग की
पत्र:
प्रमोद कुमार पाण्डेय ने बिहार स्वास्थ्य समिति, जमुई को पत्र लिखकर मच्छरों के नियंत्रण हेतु तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि मच्छरों के प्रकोप से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने और बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
मांग:
ग्रामीणों ने NHM द्वारा प्रदत्त वेक्टर जनित रोग नियंत्रण दिशानिर्देशों के अनुसार तत्काल फॉगिंग की मांग की है। उनका कहना है कि यह मच्छर जनित बीमारियों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
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