रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आय से अधिक संपत्ति का मामला गरमाता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में सोरेन से पूछताछ की है और उनसे कुछ दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
ईडी की जांच में पता चला है कि सोरेन ने रांची के अरगोड़ा में एक जमीन खरीदी थी। यह जमीन भारतीय सेना की थी और इसे 1932 में प्रफुल्ल बागची नाम के एक व्यक्ति को बेच दिया गया था।
2021 में, बागची के बेटे प्रदीप बागची ने यह जमीन कोलकाता की जगतबंधु टी एस्टेट लिमिटेड को बेच दी। इस कंपनी के निदेशक दिलीप घोष हैं।
ईडी का आरोप है कि यह जमीन असल में अमित अग्रवाल नाम के एक व्यक्ति को मिली थी। अग्रवाल कथित तौर पर सोरेन के करीबी रिश्तेदार हैं।
ईडी ने इस मामले में घोष और अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। सोरेन से भी इस मामले में पूछताछ की गई है।
यह मामला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि सोरेन ने 2019 में झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान इस जमीन का जिक्र अपने हलफनामे में नहीं किया था।
सोरेन ने इस मामले में कहा है कि उन्होंने यह जमीन अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी थी और उन्होंने इस बारे में चुनाव आयोग को जानकारी दे दी थी।
ईडी इस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या सोरेन ने इस जमीन को खरीदने के लिए आय से अधिक संपत्ति का इस्तेमाल किया था।
यह मामला झारखंड की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्षी दल सोरेन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
यह मामला अभी भी जांच के अधीन है और यह कहना जल्दबाजी होगी कि सोरेन ने कोई गलत काम किया है या नहीं।
लेकिन यह मामला झारखंड की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है और यह सोरेन के राजनीतिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
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