पटना: बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर पटना हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर किसी व्यक्ति के पास से शराब बरामद होती है, तो उसकी बाइक जब्त नहीं की जाएगी, अगर यह साबित होता है कि बाइक मालिक शराब के बारे में नहीं जानता था।
यह फैसला जस्टिस पीबी बजंथ्री और जस्टिस जितेंद्र कुमार की खंडपीठ ने सुनैना नामक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया। सुनैना की बाइक को जब्त कर लिया गया था, जब उसके पीछे बैठे व्यक्ति के पास से शराब बरामद हुई थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह जरूरी है कि यह साबित हो कि बाइक मालिक शराब के बारे में जानता था या नहीं। अगर यह साबित नहीं होता है, तो बाइक जब्त नहीं की जा सकती।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस फैसले के अनुसार नियमों में बदलाव करे।
यह फैसला बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला है। यह फैसला उन लोगों को राहत देगा, जिनकी बाइक शराब के मामले में जब्त कर ली गई थीं, जबकि वे खुद शराब के बारे में नहीं जानते थे।
यह फैसला निम्नलिखित मामलों में लागू होगा:
- अगर बाइक मालिक शराब के बारे में नहीं जानता था।
- अगर बाइक मालिक ने शराब ले जाने के लिए बाइक नहीं दी थी।
- अगर बाइक मालिक ने शराब ले जाने के लिए मना किया था।
यह फैसला निम्नलिखित मामलों में लागू नहीं होगा:
- अगर बाइक मालिक शराब के बारे में जानता था।
- अगर बाइक मालिक ने शराब ले जाने के लिए बाइक दी थी।
- अगर बाइक मालिक ने शराब ले जाने के लिए मना नहीं किया था।
यह फैसला बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला है। यह फैसला उन लोगों को राहत देगा, जिनकी बाइक शराब के मामले में जब्त कर ली गई थीं, जबकि वे खुद शराब के बारे में नहीं जानते थे।
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