आकाश में चांद तारों की चमक, ठंडी हवा का झोंका, और एक साइकिल, जिस पर बैठे थे दो प्यार करने वाले। रीमा और रवि, जिनके प्यार की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी।
रीमा एक अमीर परिवार की लड़की थी, और रवि एक गरीब परिवार का लड़का। रीमा को रवि की सादगी और ईमानदारी पसंद थी, और रवि को रीमा का दिलकश स्वभाव और उसकी समझदारी। पैसे के बंधन उन्हें कभी बांध नहीं पाए, क्योंकि उनका प्यार इन सब से परे था।
एक दिन रवि ने रीमा को साइकिल पर घुमाने का प्रस्ताव रखा। रीमा थोड़ी हिचकिचाई, क्योंकि वह पहले कभी साइकिल पर नहीं बैठी थी। लेकिन रवि के प्यार और आत्मविश्वास ने उसे हिम्मत दी।
धीरे-धीरे साइकिल चलने लगी, और रीमा रवि की पीठ पर टिकी हुई थी। रवि की सांसों की गंध, और उसके दिल की धड़कन, रीमा को एक अजीब सी खुशी दे रही थी।
रास्ते में, रवि ने रीमा को एक खूबसूरत फूल दिया, जो उसने रास्ते से उठाया था। रीमा ने उस फूल को अपने बालों में सजाया, और रवि मुस्कुराते हुए उसे देखने लगा।
उस दिन रीमा ने महसूस किया कि प्यार में पैसे की कोई जगह नहीं होती। रवि के साथ साइकिल पर बैठकर, रीमा को एक अमीर रानी जैसा एहसास हुआ।
उस दिन के बाद, रवि और रीमा अक्सर साइकिल पर घूमने जाते थे। साइकिल उनके प्यार का प्रतीक बन गई थी।
कुछ सालों बाद, रवि और रीमा ने शादी कर ली। उनकी शादी सादगी से हुई, लेकिन उसमें प्यार की खुशियां थीं।
आज भी, जब रवि और रीमा साइकिल पर बैठते हैं, तो उन्हें उस दिन की याद आती है, जब उन्होंने पहली बार साइकिल पर प्यार का एहसास किया था।
कौन कहता है सब पैसे पे मरता है, हमसफर समझदार हो तो वो साइकिल पे भी जचता है।
यह कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो प्यार में विश्वास करते हैं। पैसे और दिखावे से परे, सच्चा प्यार ही हमेशा जीतता है।
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