Sunday, February 4, 2024

हमारी पंचायत के विकास में बाधाएँ: सच या गलत?


कुछ दिनों से, हमारे गाँव में ये चर्चा है कि एक व्यक्ति पंचायत के विकास में अड़चन डाल रहा है। लोगों का कहना है कि ये व्यक्ति पंचायत के कामकाज में दखल दे रहा है, पुराने तरीकों को बदलने की कोशिश कर रहा है।

लेकिन, जरा रुकिए! क्या ये सच है? किसी भी बात को मानने से पहले हमें सच को समझना ज़रूरी है। जिन लोगों पर ये इल्ज़ाम लग रहे हैं, उनका कहना है कि वो तो कानून के दायरे में ही काम कर रहे हैं और असल में सरकारी नियमों का पालन करवा रहे हैं।

कहते हैं कि ये व्यक्ति कई पंचायत योजनाओं के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा रहा है। लेकिन, उसका ये भी कहना है कि ये शिकायतें सिर्फ अपनी चिंताओं को बताने और सही नियमों को लागू करवाने का तरीका है। ये भी तो हमारी लोकतंत्र की खासियत है कि हम अपनी बात रख सकें।

वो खुद को "साफ सुथरी कार्यप्रणाली" का समर्थक बताते हैं। उनका मानना है कि वो पंचायत को जवाबदेह बना रहे हैं, ताकि विकास सही से और सबके लिए हो।

हमें ये मानना होगा कि हर किसी की बात सुनना ज़रूरी है, लेकिन विरोध करना और अराजकता फैलाना अलग बात है। जिन पर इल्ज़ाम है, उनका कहना है कि वो सिर्फ कानूनी तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और पंचायत को जवाबदेह बनाना चाहते हैं।

इसलिए, ज़रूरी है कि पंचायत और गाँव वाले आपस में बात करें। एक-दूसरे की राय को समझें और मिलकर गाँव को आगे बढ़ाने का रास्ता निकालें।

याद रखें, गाँव का विकास तभी होगा जब हम सब मिलकर काम करेंगे, कानून का पालन करेंगे, साफ सुथरा काम करेंगे और आपस में बातचीत करेंगे। हमें गलतफहमियों को दूर करना होगा और मिलकर अपने गाँव का भविष्य बनाना होगा।

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